Advertisement
नाम : सुमन कुमार धर
जन्म दि: 6 मार्च 1968
ठिकाण : पश्चिम बंगाल, भारत
व्यावसाय : आणविक जीवविज्ञानी
प्रारंभिक जीवन :
सुमन कुमार धर का जन्म 6 मार्च 1968 मे हुवा है | उनका जन्म पश्चिम बंगाल, भारत मे हुवा है | उन्होंने 1989 मे बर्दवान विश्वाविदयालय से रसायन विज्ञान मे स्त्रातक किया है |1992 मे कल्याणी विश्वाविदयालय से जैव रसायन मे मास्टार डिग्री पूरी कि है | इसके बाद सुमन कुमार धर ने जवाहरलाल नेहरु विश्वाविदयालय जेएनयू से आणविक जीवविज्ञान मे पीएचडी हासिल कि है | 1998 मे नेब्रास्का विश्वाविदयालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग मे शोध सहायक के रुप मे संक्षेपण काम किया है |
समुन कुमार धर ने 1997:98 मे उन्होंन ब्रिधम और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के महिला अस्पताल मे डॉक्टरेट के बाद का अध्यायन किया है | 2001 मे उन्होंने जवाहरलाल नेहरु विश्वाविदयालय मे विश्वविदयालय के आणविक चिकित्सा केंद्र एससीएमएम के सहायक केंद्र मे सहायक प्रोफेसर के रुप मे दाखीला लिया है |
2005 मे एक एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए रैंक मे वृध्दि हुई थी | 2011 मे एससीएमएम के अध्याक्ष के पद तक पहूँच गए थे | उन्होंने 2003 मे एक वर्जिटंग फेलो के रुप मे काम किया है | जेएनयू मे अपने अकादमिक कर्तव्यों के अलावा धार जैव प्रौघोगिकिविहीन परियोजना के एक विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इनपारसिटोलॉजी मे शामिल है |
कार्य :
सुमन कुमार धर का शोध इतिहास उनके स्त्रातक अध्यायन के दौरान शुरु होता है | जब उन्होंने एंटामोइबा हिस्टोलिटिका पर काम किया है | प्रोटोजोअन जो अमीबसिस कारण बनता है | इसके राइबोसेमल डीएनए सर्कल पर ध्यान केंद्रीत करता है | बाद मे हार्वर्ड मेडिकल स्कुल मे उनके पोस्ट डॉक्टरल अध्यायन स्तनधारी डीएनए प्रतिकृति पर केंद्रीत थै | वायरल डीएनए प्रतिकृति के एक भवरुध्द कारक के रुप मे एक खोज जिसने उन्हें युएस पेटेंट प्राप्ता किया |
मानव रोगजनकों हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम और उनके डीएनए प्रतिकृति और कोशिका पक्र विनियमन का अध्यायन किया है | उन्होंने मलेरिया रोधी दवाओं पर काम किया है | उनके कार्या ने पी फाल्सीपेरम के लिए PFGYEARE और HPYLORI के लिए HPDNAB हेलीकॉप्टर को लक्ष्य के रुप मे पहचाना है | उन्होंने तीन पुस्ताकेां मे अध्यायों का योगदान दिया है |
उपलब्धी :
1) 2010 मे कैरियर विकास के लिए राष्ट्रीय बायोसाइंस पूरस्कार |
2) 2012 मे शांति स्वरुप भटनागार पूरस्कार |