Deoxa Indonesian Channels

lisensi

Advertisement

" />
, 07:24 WIB
अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सुलोचना गाडगिल की जीवनी - Biography of Sulochana Gadgil in hindi jivani

Advertisement


नाम : सुलोचना गाडगिल

जन्म दि: 7 जून 1944

ठिकाण : पूणे

पति : माधव गाडगिल

व्यावसाय : मौसमविज्ञानी


प्रारंभिक जीवन :


        सुलोचना गाडगिल का जन्म 7 जून 1944 को हुवा है | उनका जन्म पुणे मे हुवा है | उनकी मॉ एक मराठी लेखिका थी | गाउगिल ने आपनी पढाई शुरुआत पुणे मे मराठी मे की है | इसके बाद वो आंध्रप्रदेश के एक बोर्डि ग स्कूल ऋषि वैली मे अंग्रेजी मे हाई स्कुल शिक्षा के लिए चली गई है |


        गाउगिल फर्ग्यूसन कॉलेज मे अपनी स्त्रातक की पढाई के लिए पूणे वापस आ गई थी | जहाँ उन्होंने प्राकूतिक विज्ञानों का चयन किया और रसायन विज्ञान, भौतिकी और गणित मे महारत हासिल कि है | इस मोड पर माधव गाडगिल एक साथी छात्र से जुड गई थे | और उन्होंने वैज्ञानिक करियर बनाने का फैसला किया था | वे दोंने हावर्ड से छात्रवृत्ति के साथ भर्ती हुए थे |


        सुलोचना गाडगिल की शादी इकोलॉजिस्टा माधव गाडगिल से हुई है | और उनके एक बेटी और एक बेटा है | 1971 मे वो अपने पति के साथ भारत लौटी थी | उन्होंने दो साल तक सीएसआई आर पुल अधिकारी के रुप मे भारतीय उष्णकटिबंधिय मौसम विज्ञान संस्थान मे काम किया है | उन्होंने आर अनंतकृष्णन और डीआर सिक्का जैसे वैज्ञानिकों के साथ काम किया है | सुलोचना गाडगिल के पिता एक गणितीय परिस्थितिकिवीदू के रुप मे सीटीएस मे भर्ती हुए थे | 


कार्य :


        सुलोचना गाडगिल भारत के बेंगलूरु भारत मे वायुमंडलीय और समुद्र विज्ञान केंद्र मे एक भारतीय मौसमविज्ञानी है | उन्होंने वर्षा का परिवर्तनशीलता और मॉडलिंग परिस्थितीक और विकासवादी घटनाओं से निपटने के लिए खेती कि रणनीतीयों सहित मानसून के कैसे और क्येां का अध्यायन किया है | उनके शोध से मानसून के बादलों मे उप मौसमी बदलाव की एक बुदियादी विशेषता कि खोज हुई है |


        गाडगिल ने प्रदर्शित किया कि मानसून एक विशाल भु समुद्री हवा नही है , बल्कि इसके बजाय एक ग्रहों की स्केल प्रणाली के मौसमी प्रवास की अभिव्याक्ति है | जो गैर मानसून क्षेत्रों मे भी देखी जाती है | किसानों के साथ मिलकर उन्हेांने खेती कि रणनिती बनाई जो भारत मे विभिन्ना क्षेत्रों की वर्षा परिवर्तनशीलता के अनूरुप है |


        एक प्रसिध्दा वंशावली से अपने परदादा के साथ टोंक राजया मे एक मंत्री होने के कारण अपने वीरतापूर्ण प्रयासों के लिए जाना जाता है | गाडगिल ने सेंटर फॉर एटमॉस्केरिक एंड ओशनिक साइंसेज सीएओएस की स्थापना कि है |