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नाम : सुधांसु दत्ता मजुमदार
जन्म दि : 1 जनवरी 1915
ठिकाण : सिलहट, असम प्रांत, ब्रिटीश भारत
व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी
प्रांरभिक जीवन :
सुधांसु दत्ता मजूमदार का जन्म 1 जनवरी 1915 मे हुवा था | उनका जन्म सिलहट असम प्रांत ब्रिटीश भारत मे हुवा था | मजुमदार ने अपनी शिक्षा सिलहट मे की थी | उनहेांने अपने कॉलेज शिक्षा युनिवर्सिटी कॉलेज ऑपु साइंस, कलकत्ता मे पुरी की थी | कई दशकों मे एक आकादमिक कैरियर मे उन्हेांने विभिन्ना संस्थानों मे विभिन्ना क्षमताओं मे सेवा कि थी |
कलकत्ता विश्वाविध्यालय के भौतिकी के पाहित प्रयोगशाला मे एक कार्यकाल के साथ सुरु हुवा था | जहा उन्होंने प्रसिध्दा मजुमदार पापापेटू पेपर लिखा था | 1951 मे उन्हें कलकत्ता विश्वाविध्यालय मे भौतिकी मे व्याख्याता के रुप मे नियुक्ता किया गया था | इसके बाद 1960 मे वो एक पाठक बन गए थे | 1956 से 1957 के दौरान वो केम्ब्रिज विश्वाविध्यालय युनाइटेड किंगडम एक शैक्षिक दौरे पर PAM Dirac के साथ बातचीत करने गए थे |
1962 मे मजुमदार ने पीएससी की डिग्री का दुर्लभ सम्मान प्रापता किया था | 1965 मे उन्हेांने भौतिका के प्रोफेसर के रुप मे आयआयटी खडगपूर मे प्रवेश लिया था | जहाँ उन्होंने 1975 तक सेवा की थी | उनकी अंतिक शैक्षणिक नियुक्ती विश्वा भारती, शांति निकेतन मे गणित के प्रोफेसर के रुप मे हुई थी | 1974 मे उन्हें येशिवा विश्वाविदयालय, न्यूयॉर्के व्दारा न्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया था | उन्होंने जुलाई और दिसंबर 1976 के बीच गणित् विभाग, मोनाश विश्वाविदयालय, ऑस्ट्रेलीया का दौर किया था |
कार्य :
सुधांसु दत्ता मजुमदार को कलकत्ता गणितीय सोसायटी ने उन्हे 1976 मे अपने अध्याक्ष के रुप मे चुना गया था | जिन विविध क्षैत्रो मे उनहेांने महत्वापूर्ण योगदान किया है | उनमे सामान्या सापेक्षता विद्रयूत विज्ञान समुह सिध्दांत और स्पेक्ट्रोस्कोपी शामिल है |
सुधांसु दत्ता मजुमदार एक भारतीय वैज्ञानी थे |
और भारतीय प्रोघोगिकी संस्थान खडगपूर के संकाय सदस्या थे | सामान्या अपेक्षत, इलेक्ट्रोहायजमिक्सा स्पेक्ट्रोस्कोपी ग्रूप थ्योरी के लिए जाना जाता है | प्रोफेसर मजुमदार के ग्रपूथ्योरी के काम की शुरुवात उनके आणविक स्पेक्ट्रोस्कोपी के शुरुवात पेपरों मे से एक मे हुई है |