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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सुधा भट्टाचार्य की जीवनी - Biography of Sudha Bhattacharya in hindi jivani

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नाम : सुधा भट्टाचार्य

जन्म दि. 7 मार्च 1952

ठिकाण : नई दिल्ली

पति : आलोक भट्टाचार्य

व्यावसाय : आणविक जीवविज्ञानी, आकदमिक वैज्ञानिक लेखक


प्रारंभिक जीवन :


        सुधा भट्टाचार्यका जन्म 7 मार्च 1952 मे हुवा है | उनका जन्म नई दिल्ली मे हुवा है | सुधा भट्टाचार्यने दिल्ली विश्वाविदयालय मे भाग लिया था | जहाँ उन्होंने बीएससी की डिग्री के साथ ऑटनी मे स्त्रातक किया है | और फिर भारतीय कृषी अनूसंधान संस्थान, नई दिल्ली चली गई जहां उन्होने एमएससी किई है | जैव रसायन और आणविक जीव विज्ञान मे उन्होंने 1973 मे स्त्रातकोत्तार पुरा किया है | उन्होंने टैनफोर्ड युनिवर्सिटी रिसर्च इंस्टीटयूट मे बैक्टीरियल डीएनए प्रतिकृति और नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ 1985:1986 मे एक्सानिय खेती का अध्यायन किया गया है |


        सुधा भट्टाचार्य ने 1982 मे एक अनुसंधान अधिकारी के रुप मे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानमे और 1982:85 तक डीएनए आधारीत निदन पर शोध करने लिए टाटा रिसर्च डेवलेमेंट एंड डिजाइनन सेंटर मे वैज्ञानिक के रुप मे काम किया है | 1986 मे जेएनयू मे एक सहायक प्रोफेसर के रुप मे शामिल हुई है | हिस्टोलिटिका का अध्यायन करने के लिए अपनी प्रयोगशाला स्थापित कि है | उन्होंने जेएनयू से सबंध्दा विभिन्ना बोर्डो की शैक्षणिक समिती मे भी कार्य किया है |


कार्य :


        सुधा भट्टाचार्य जवाहरलाल नेहरु विश्वाविध्यालय जेएनयू के पर्यावरण विज्ञान के स्कूल मे प्रोफेसर है | जो डॉ.सुधा भट्टाचार्य की प्रयोगशाला ने परजीवी डिएनए का अध्यायन करते हुए पहले स्कुर्लर डीनएनए पर राइबोसोमल आरएनए जीव का पता लगाया है | और परजीवी जोनाम मे रेट्रोट्रांस्पोन्सा के परिवारों की खोज की है | उनका काम मूख्या रुप से आणविक पराविज्ञान और जीवविनियमन के क्षैत्रो मे रहा है |


        डॉसुधा भट्टाचार्य ने हिस्टोलिटिक के सरल आणविक जीवविज्ञान के क्षैत्र मे अपने उपयास निष्कर्षो के लिए वैश्विक प्रशांसा प्राप्ता कि है | उसकी प्रयोगशाला मे गोल डिएनए पर राइबोसोमल आरएनए जीव का आस्तीत्वा पाया गया है | और परजीवी जीनोम के अंदर के परिवार स्थित थै आरडीएनए की प्रतिकृति पर अध्यायन ने आरडीएनए सर्कल के अंदर प्रतिकृति उत्पात्ति का आस्तित्वा स्थापीत किया हे | जो विकास के तनाव के जवाब मे आंशिक रुप से अयोग किए गए थे |


उपलब्धी :


पूरस्कार और सम्मान :


1) 1968 मे राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा खोज छात्रवृत्ती|

2) 1968 मे केंद्रीय माध्यामिक शिक्षा बोर्ड मे मेरिट स्थिती|

3) 1985 मे विश्वाबैंक के रॉबर्ट मैक नामरा फैलो|

4) 1987 मे रॉकफेलर जैव प्रौघोगिकी कैरियर विकास पूरस्कार |

5) 196:2001 मे फोगार्टी इंटरनेशनल रिसर्च सहयोग अवार्ड|

6) 1993 मे गुहा अनुसंधान सम्मेलन के सदस्या|

7) 2001 मे भारतीय विज्ञान अकादमी, बैंगलोर के फेलो|

8) 2008 मे नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के फैलो इलाहाबाद|

9) 2014 मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली के फेलो|

10) 2015 मे जेसी बोस नेशनल फेलो |