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नाव : सुब्रमण्याम रामकृष्णन
जन्म दि.: 27 अगस्त 1960
ठिकाण : चेन्नाई, तामिलनाडू, भारत
मॉ: लक्ष्मी रामकृष्णन
व्यावसाय : मैक्रोमोलेक्यूलर डिजाइन और सिथेसिस ग्रूप ऑफ इंडियन साइंस के डिजाइनर है |
प्रारंभिक जीवन :
सुब्रमण्याम रामकृष्णन का जन्म 27 अगस्त 1960 मे हुवा है | उनका जन्म चेन्नाई तामिलनाडू भारत मे हुवा है | उनके मॉ का नाम लक्ष्मी रामकृष्णान है | उन्होने 1980 में मुंबई विश्वाविदयालय मे एसआईईएस कॉलेज ऑफ आर्टस साइंस एंड कॉमर्स से रसायन विज्ञान मे स्त्रातक किया है | वो अपनी मास्टार डिग्री पूरी करने के लिए भारतीय प्रौघोगिकि संस्थान, बॉम्बे मे शामिल हुए थे |
रामकृष्णान ने 1988 मे अमेरिका के अैसाचुरेटस के एमहर्स्ट विश्वाविदयालय से पीएचडी हासिल कि थी | जो जेसीडब्ल्यू चिएन के मार्गदर्शन मे काम करने थे | और उन्होंने 1988:1990 के दोरान एक्सॉन रिसर्च एंड इंजीनियरिंग कंपनी न्यू जर्सी के कॉपोरेट रिसर्च लेबोरेटरी मे पोस्टा अध्यायन किया है |
रामकृष्णन ने भारत लौटते हुए, उसी वर्षे भारतीय विज्ञान संस्थान मे अपने करियर की शुरुआत एक व्याख्याता के रुप मे की है | जहा वो मुख्या डिजाईनर के रुप मे मैक्रोमोलेक्यूलर डिजाइन और सिंथेसिस ग्रूप के प्रमूख थै | उन्होंने सहायक प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर के पद संभाले थे |
उनके दो लक्षण थे , पहले क्लारिडा विश्वाविदयालय मे एक विजिटिंग साइंटिस्टा के रुप मे कार्य करना था | और दूसरा आइंडहोवन युनिवर्सिटी ऑपु टेक्नोलॉजी मे फिलिम्सा फिर्जिटिंग प्रोफेसर के रुप मे था | और वर्तमान मे रामकृष्णन एक भारतीय विज्ञान संस्थान मे उप निदेशक पद पर है |
कार्य :
रामकृष्णन के शोध आणविक रुप से डिजाइन किए गए बहुलक सामग्री और सिंथेटिक मार्गो के विकास जैसे की उनकी टीम व्दारा विकसित किए गए ट्रॉजिटर्सिफीकेशन मार्ग के विकास पर केंद्रीत है | रामकृष्णान एक भारत बहुलक रसायनज्ञ, आकार्बनिक और भौतिक रसायन विभाग प्रोफेसर है | ओर मेक्रोमोलेक्यूलर डिजाइन और सिंथेसिस ग्रूप ऑफ इंडियन साइंस के डिजाइनर भी है | और भारतीय विज्ञान अकादमी के एक चूने हुए साथी है |
उपलब्धी :
1) 2002 मे सीआरएसआई कांस्या पदक|
2) 2002 मे MRSI मंडल|
3) 2005 मे शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार