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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सुब्रमणिया रंगनाथन की जीवनी - Biography of Subramania Ranganathan in hindi jivani

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नाम : सुब्रमणिया रंगनाथन

जन्म दि : 2 फरवरी 1934

ठिकाण : तामिलनाडू, भारत

पत्नी : दर्शन रंगनाथन

व्यावसाय : सिंथेटिक और यांत्रिकी जैविक रसायन पर अध्यायन


प्रारंभिक जीवन :


        सक्रुमणिया रंगनाथन का जन्म 2 फरवरी 1934 मे हुवा था | उनका जन्म तामिलनाडू भारत मे हुवा था | उनकी शिक्षा मद्रास विश्वाविदयालय से रसायन विज्ञान मे स्त्रातक की उपाधि प्राप्ता की थी | 1957 मे अपनी मास्टर डिग्री पुरी करने के लिए वहाँ जारी रहे थे | फेलोशिप उन्होंने थोडे समय के लिए केंद्रीय चमडा अनुसंधान संस्थान के जैव रसायन विभाग मे काम किया था | और फिर उन्होंने एक स्लोडान केटरिंग फाउंडेशन पर अपने डॉक्टरेट की पढाई पुरी की थी | रंगनाथन ने अमेरिका मे इेरोल्ड शेजर की प्रयोगशाला मे ओहियो स्टेट युनिवर्सिटी मे दाखिला लिया था |


        सुब्रमणिया रंगनाथन ने 1962 मे अपनी पीएचडी प्राप्ता कि थी | और 1962 मे उन्हे नोबेल पूरस्कार : मिला था | उन्होंने डॉक्टरेट की पढाई के बाद उन्होंने 1964 मे प्रयोगशाला मे प्रेवश किया था | और 1964 मे पढाई पूरी करने के लिए रिसर्च इंस्टीटयूट बेसल मे स्थानांतरीत कर दिया गया था | 1966 मे वो भारत लौटे थे |


        और उन्होंने आयआयटी कानपूर मे शामिल हो गए थे | जहाँ उन्हेांने अपना पूरा अधिकारिक शैक्षणिक जीवन एक प्रोफेसर के पद पर विभाग के प्रमूख और डीन के साथ बिताया था | 1994 मे सूपरन्यूएट करने से पहले और सेवानिवृत्ती के बाद उन्होंने एक आयएनएसए वरिष्ठा वैज्ञानिक के रुप मे कार्य किया था | रंगनाथन आयआयएलटी मे मानद पर काबिज थे | उनकी पत्नी दर्शन रंगनाथन एक अकादमीक शोध सहयोगी और उनके सह लेखक के साथ हुवा था | सुब्रमणिया रंगनाथनन रंगा के नाम से लोकप्रिय थे |


कार्य :


        सुक्रमणिया रंगनाथन एक भारतीय जैव रसायनशास्त्री और एक प्रोफेसर और भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान, कानपूर मे रसायन शास्त्रा विभाग के प्रमूख थे | उन्हें सिंथेटिक और मैकेनिक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पर अध्यायन के लिए जाना जाता था | उन्हेांने अपने पोस्टा डॉक्टरेल दिनो के दौरान, रंगनाथन ने वुडवर्ड के साथ काम किया था | और उन्हें वुडवर्ड हॉलमैन नियमेा पर अपने काम के बाद की सहायता करने के लिए जाना जाता था |


        उन्होंने सैफलोस्पोटिन सी के कुलसंश्लेषण को परूा किया और वुडवर्ड का नोबेल व्याख्यानइन संश्लेषण के लिए नई पध्दति की पहचान की थी | उनके शोधों को कई पुस्ताकेां और 200 से अधिक पीयर रिव्यू लेखो के माध्याम से प्रलेखित किया गया है | उन्होंने एक दर्जन से अधिक पूस्ताकेां का सह लेखन भी किया है |


उपलब्धि :


1) 1975 मे वासुदेव बॅनर्जी मेडल|

2) 1977 मे शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार |

3) 2000 मे आरसी मेहरोत्र एंडोमेंट गोल्ड मेडल|

4) 2001 मे सीआरएसआय सिल्वर मेडल|

5) 2006 मे सीआरएसआई लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड|

6) 2014 मे आयएनएसए सर्वश्रेष्ठा शिक्ष्ण पूरस्कार |