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नाम : श्रीनिवासन संपत
जन्म दि : 25 मई 1961
ठिकाण : भारत
व्यावसाय : रसायन विज्ञान
प्रारंभिक जीवन :
श्रीनिवासन संपत का जन्म 25 मई 1961 मे हुवा है उनका जन्म भारत मे हुवा है | श्रिनिवासन संपत ने मद्रास विश्वाविदयालय चेन्नाई के डिजी वैष्णव कॉलेज मे रसायन विज्ञान मे बीएससी पूरी कि है उन्होंने भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान मद्रास, भारत मे रसायन विज्ञान मे एमएससी कि डिग्री प्राप्ता कि है | उसके बाद रिसर्च फेलोशिप (CSIR:UGC:NET:JRF) के लिए राष्ट्रीय स्तार कि प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कि है | 2005 मे अजयघोष की देखरेख मे अपनी पीएचडी के लिए त्रिवेंद्रम चले गये थे |
त्रिवेद्रम मे रहने के दौरान, मुख्या रूप से कार्बन नौनोटयूब और संयुम्मित कार्बनिक अनुओं के आधार पर उन्नत कार्यात्मक सामग्री के डिजाइन और अध्यायन मे शामिल हुए थे | नवंबर 2011 मे पोस्टडॉक्टरल फेलो के रुप मे स्टोडार्ड रिसर्च ग्रूप मे शामिल हो गए थे | और फिर नवंबर 2011 मे, कॉसकुम ग्रूप मे संयुक्ता पोस्टडॉक्टरल फेलो के रुप मे शामिल हुए थे | फिार उन्होने DST:INSPIRE फॅकल्टी अवार्ड प्राप्ता किया था |
और CSIR:CL:RI भारत मे शामिल हो गए थे | और अप्रैल 2014 मे अगस्टा 2016 तक काम किया है | फिर उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ मेटेरियल्सा साइस, सेंट्रल युनिवर्सिटी ऑफ तामिलनाडू, तिरवरुन मे दाखिला लिय है | और 2003 मे बीएससी रसायन विज्ञान मद्रस विश्वाविदयालय भारत मे पूरी कि है | और 2005 मे एमएससी रसायन विज्ञान भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान, मद्रस आआयटीएम मे अपनी एमएसीप्राप्ता कि है |
कार्य :
श्रीनिवासन संपत एक भारतीय इलेक्ट्रोकैमिस्टा नैनोटेक्नोलॉजिस्टा और भारतीय विज्ञान संस्थान मे रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर है | उन्हें सुपरकैपस्टिर और नैनो बायेमेटिक्सा पर अपने अध्यायन के लिए जाना जाता है | वो भारतीय विज्ञान अकादमी और भारतीय राष्ट्रीय अकादमी के एक निर्वाचित साथी है |
सामग्री और सतहों के अंतरविरोधी गुणो पर शोध मे शामिल है | उनहें सुपरकैपेसिटर और नैनो बायमेटेलिक्सा के विकास के साथ उनके अनुप्रयोगो की जांच पर व्यापक काम करने की सुचना मिली है | उन्हेांने कईपीयर रिव्यू लेखों मे अपने शोधो को प्रलेखित किया है |
इंडियन एकेडमी आफ साइंसेज के ऑनलाईन लेख भंडार ने उन्हें 78 एक सूचीबघ्दा किया गया है श्रिनिवासन संपत ने 2005 मे केमिकल रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडीयाका कास्या पदक प्राप्ता कया है | वैज्ञानिक और अनुसंधान परिषद ने उनहे 2006 मे सर्वोच्चा भारतीय पुरस्कारों मे से एक शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार : से सम्मानित किय गया है | और 2009 मे भारतीय विज्ञान अकादमी व्दारा एक साथी के रुप मे चुने गए है | और श्रिनिवासन संपत 2015 मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के एक निर्वाचित साथी बन गए है |
उपलब्धी :
1) 2005 को इआरएसआय कांस्या पदक मिला है |
2) 2006 को शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार : से सम्मानित किया गया है |