Advertisement
नाम : श्याम सुंदर कपूर
जन्म दि: 14 जुन 1938
ठिकाण : देवनार
पिता : सुंदर कपूर
व्यावसाय : भाभा परमाणू अनुसंधान केंद्र के पूर्व निदेशक है |
प्रारंभिक जीवन :
श्याम सुंदर कपूर का जन्म 14 जून 1938 मे हुवा था | उनका गाव मुंबई शहर देवना मे रहते है | उन्हेांने 1958 मे एसएससी आगरा विश्वाविदयालय मे अपनी दसवी कम्पलेट की | पढाई करते करते उन्हेाने 1974 मे राजा रम्न्ना जो भारत के पहले परमाणू कार्यक्रम स्माइलिंग बुदधा मे अध्यायन के बाद उन्होने डॉक्टरेट की पढाई कि थी | 1963 मे उन्होंने पीएचडी पदवी हासील कि | डॉक्टरेट की पढाई के बाद उन्होंने साइकलों स्ट्रॉन न्वरक पर काम करना चालू किया |
आपनी पढाई करने के लिए वो 1966 मे बीएआरसी मे लौंट गए | वो 1990 मे भौतिक समूह के साथ इलेक्ट्रॉनिक्सा और इंस्टूमेटेशन ग्रूप के प्रभारी निदेशक बन गए | और बीएआरसी मे अपनी सेवा प्रदान कि उन्होने परमाणू भौतिक प्रभाग के रुप मे भी काम किया | टाटा इंस्टीटयूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च कैंपर मे स्थित बीएआर सी केंद्र पेलेस्ट्रॉन एक्सेलेरेटर सुविधा के परियोजना निदेशक के रुप मे अपना योगदान दिया |
हीडलबर्ग विश्वाविदयालय के फिजिकलिसचि इंस्टीटयूट मे विजीटिंग सांटिस्ट के रुप मे एक लघू कार्यकाल किया | सेवानिवृत्ती के बाद 2000 से 2005 तक डीएई होमी भाभा की कुर्सी पर बैठे थे | बीएआरसी के साथ अपना जुडाव जारी रखा था | फिर उनहेांने भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के साथ एक वैज्ञानिक पद संभाला था | और 2008 मे एक मानद वैज्ञानिक बनाया गया |
कार्य :
श्याम कपूर का काम मूख्या से परमाणू विखंडण क्षेत्र मे रहा है | उनहेाने आयन सलयन विखंडन गतिकि परमाणू शैल मॉडल और विकिरण डिटेक्टरों के साथ कण त्वरक का अध्यायन किया है | और लॉरेस वर्कले नेशनल लेबोरेटी युनिवस्रल लीनियर एक्सेलेटर डार्मस्टैक बीएआरसी हेवी आयन एक्सिलेटर मे साइक्लोस्ट्रॉन सुविधा सहित कई त्वरक के साथ जुडा हुवा है |
टाटा इंस्टीटयूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च लिनाक एक्सेलेटर लेग्नशे नेशनल लेबोरेटरीज मे विभिन्ना अवधियों के दौरान उनके अनुसंधान ने प्रकाश आवेशीत कणों और बडे पैमाने परमाणू गति कि समझा केा व्यापक आवेशित कणों और बडे पैमाने परपरमाणू विभाजन के लिए एक नई तेज प्रक्रिया के विकास मे उनके योगदान के सूचना दी जाती है | उनके अध्यायन को कई लेखो के माध्याम से प्रलेखित किया है | इंडियन एकेडमी ऑफसाइंसेज के लेख भंउार ने 13 को सुचीबध्दा किया है | इसके अलावा उन्होने एक न्यूक्लियर रेडिएशन डिटेक्टार पूस्ताक प्रकाशित किया है |
1994 मे जयपूर मे आयोजित 231 वी भारतीय विज्ञान कांग्रेस का भौतिकी अनुभाग और इंडियन सोसायटी और रेडिएशन फिजिक्सा का सदस्या रहे है | कपूर ने कई मुख्या भाषण दिए जिसमेभाभा परमाणू अनुसंधान केंद्र मे संस्थापक दिवस का पता बनाया और DAE: राजा भन्ना व्याख्यान शामिल था | 2003 मे जवाहलाल नेहरु सेंटर एडवास्टा साइंफिकिक रिसर्च मे परमाणू विखंउन सुपरहैवी नाभिक ओर परमाणू ऊर्जा मे फ्रटियर्सपर भौतिक सम्मान किया |
पूरस्कार और सम्मान :
1) 1983 मे शांति स्वरुप भटनागर पूरसकार मिला था |
2) 1996 मे गोयल पूरस्कार |
3) 2006 मे आरउी बिडला पूरस्कार |