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नाम : सरशेंदू डे
जन्म दि: 10 जुलाई 1967
ठिकाण : कोलकता
पिता : बीसवाजीत
व्यावसाय : रासायनिक अभियांत्रिकी
प्रारंभिक जीवन :
सरशेंदू डे का जन्म 10 जुलाई 1967 मे हुवा है | उनका जन्म कोलकता मे हुवा है | सरशेंदू डे कानपूर मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान मे केमिकल इंजिनियरिंग मे स्त्रातक, परास्त्रक और पीएचडी की उपाधि प्राप्त कि है | वह वर्ष 1998 मे खडगपूर मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान मे शामिल हुए थे | सरशेंदू डे ने केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र मे अमर डाई केम अवार्ड से लेकर हेरडिलिया तक लगभग हर पूरस्कार जीता है |
सरशेंदू डे इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज इलाहाबाद के फेलो भी है | उनका एकेडमिया के साथ संबंध क्षेत्र है | विकसित कम लागत वाली लेटराइट आधारित आसेनिक फिल्टर को योगदान दिया है | और उन्होंने कम लागत वाली खोखली फाइबर कताई इकाई विकसित कि गई है |
उक कम लागत वाले हेमोडायलिसिक खोखले फारयबर और कारतूस विकसित किए गए है | औषधीय रुप से महत्वापूर्ण पौधो के अर्क से बायोएक्टिंव घटको के निष्कर्षण के लिए विकसित तकनीक दिई है | NML जमशेदपूर मे इलेक्ट्रोधर्मल प्रक्रिया का उपयोग करके मैग्रीशिव उत्त्पादन यंत्रण के सीएफडी मॉडलिंग का विकास किया है | विभिन्ना आयआयटी और एनआयटी के संकाय चयन समिती के सदस्या थे |
कार्य :
सरशेंदू डे एक केमिकल इंजीनियरिंग मे उपन्यास पृथक्करण प्रकियाओं और गणितीय तकनीकों पर बेब वाडियो पाठयाक्रम विकसीत किए गए है | 12 अप्रैल 2007 को केमिकल इंजिनियरिंग विभाग आयआय टी के प्रोफेसर बने थे | विपूल वैज्ञानिक होने के अलावा डे ने कई पुस्ताकों और कई पेटेंटो के धारक भी प्रकाशित किए है | उनका सबसे महत्वापूर्ण अविष्कार कम लागत वाला असौनिक फिल्टार है | जिससे उन्होंने भारत ग्रामीण परिवारों के लिए अल्ट्रा लो कॉस्टा आर्सेनिक फिल्टर डिजाइन किया है |
उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ सेवा मे पॉलिमर की श्रेणी मे प्रौघोगिकी नवाचार के लिए राष्ट्रीय पूरस्कार : जीता है | उे ने 250 से अधिक 50 से भी अधिक सम्मेलन प्रस्तुतियों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय है | वे 15 पेंटेट के होटर है | और डे ने 8 किताबे लिखि है | और उनकी 4 विकसित तकनीकों को उघोग मे स्थानांतरित कर दिया है | और वो वर्तमान मे खडगपूर मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान से केविकल इंजिनियरिंग के आयएनएई अध्याक्ष है |
उपलब्धी :
1) 2011 को शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार |
2) डीएई एसआरसी बकाया अनवेषक पूरस्कार अब्दूल कलाम प्रौघोगिकी नवाचार राष्ट्रीय फैलोशिप|
3) एनआरडीसी नेशनल सोसायटी इनोवेशन अवार्ड 2018|
4) ग्रामीण विकास मे विज्ञान और प्रौघोगिकी के क्षेत्र मे उत्कृष्ठता के लिए हिंदूस्तान डोर ओलिवर पूरस्कार