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नाम : राकेश पोपली
जन्म : 1952
ठिकाण : भारत
पत्नि : रमा पोपली
व्यावसाय : परमाणू भौतिक विज्ञानी
प्रारंभिक जीवनी :
राकेश पोपली एक भारतीय परमाणू भौतिक विज्ञानी थे | उन्होंने भारत के सुदूर क्षेत्रो मे पहला एकल विघालय गैर लाभकारी संगठन कि और एक शिक्षक विघ्यालय कि स्थापना कि है |
राकेश पोपली का जन्म भारत मे सन 1952 मे हुआ था उनहेंने सन 1974 से 1981 तक पूडर्यू विश्वाविघ्यालय मे संयुक्ता राजया अमेरिका मे अध्यायन किया था | वहां से उन्होंने परमाणू भौतिकी मे डॉक्टरेट कि उपाधि प्राप्ता कि थी | उनकी पत्नी का नाम रमा पोपली है | वह बाल शिक्षा विशेषज्ञ थी |
कार्य :
राकेश ने भारत मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान कानपूर मे परमाणू भौतिकी के सहायक प्रोफेसर के रुप मे उसके बाद उन्होंने सन 1984 से 1988 तक झारखंड के रांची के बिरला इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा बीआईटी मेसरा मे भौतिकी के प्रोफेसर के रुप मे काम किया था |
सन 1986 मे श्री भाऊराव देवरस ने वन टीचर स्कूलो कि अपधारण को रेखोकित किया था | राकेश और उनकी पत्नी मरा ने तब इस अवधारण को परिष्कृत किया था |
उन्होंने बीआईटी मेसरा से लगभग 125 किलोमिटर दूर गांव गुमला कि जनजातीयों के बीच स्थापीत स्कूलो के लिए पाठयक्रम लिखा था | राकेश ने संयुक्ता राजया अमेरिका के लगभग बीस शहरों का दौरा किया था | जहां पर उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों मे अपने समूह के काम का वर्णनकिया था |
उपलब्धि :
1) राकेश पोकल एकल विघालय के संस्थापक रहे है |
पूरस्कार और ग्रंथ :
1) 1976 पॉलिमर कापूर्वी क्षरण |
2) 1980 ओरिएंटेड पॉलिमर मे आणिविक विखंडन व्यावहार|
3) 2003 अंतरीक्ष समय के माध्याम से टहलने आइंस्टीन के सापेक्षता सिध्दांत पर एक इत्मीनन से प्रवचन|
4) राकेश पोकली : परमाणू स सीतारों तक|
डॅा राकेश पोपली का 15 सितंबर 2007 मे ब्लडकैंसर से निधन हुआ था |