Advertisement
नाम : देबी प्रसाद सरकार
जन्म तिथी : 15 जनवरी 1958 आयू 68
ठिकाण : भारत
व्यावसाय : विषाणूविज्ञानी
प्रारंभिक जीवनी :
देबी प्रसाद सरकार का जन्म 15 जनवरी 1958 को भारत मे हुआ था | उन्हेांने 1978 मे रसायन शास्त्र मे स्त्रातक ऑनर्स किया था | और 1980 मे बनारस हिंदू विश्वाविघ्यालय से बायेकेमिस्ट्री मे मास्टार डिग्री प्राप्ता कि थी | उन्होंने अपने थीसीस के लिए पीएचडी कि डिग्री हासिल कि थी | उनकी पोस्ट उॉक्टरेल पढाई नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ के नेशनल कैंसर इंस्टीटयूट मे हुई थी |
कार्य :
देबी प्रसाद सरकार एक भारतीय जैव रसायनविदू प्रतिरक्षा विज्ञानी ओर विषाणू विज्ञानी है | वह दिल्ली विश्वाविघ्यालय मे जैव रसायन विभाग के प्रमूख थे | और 2017 से 2019 तक आआयएसईआर मोहाली के निदेशक के रुप मे कार्य किया था | उनहें सेंदाई वायरस पर अपने शोध और पुनर्गठित वायरल लिफाफे विकसति करने के लिए जाना जाता है |
उन्होंने लिपोसोम्सा का उपयाग करते हुए इम्यूनोमोडयूलेटर और ड्रग डिलीवरी के रुप मे लिपोसोम पर काम किया था | वे अपने शैक्षणिक जीवन के बाकी समय मे विश्वाविघ्यालय मे रहे, वरिष्ठा व्याख्याता 1993 और पाठक 1996: 2008 मे रुप मे पदों पर रहे है 2023 मे एक प्रोफेसर के रुप मे पदार्पण करने के लिए तैयार है |
उन्हेांने एक अकादमिक के रुप मे काम करते हुए अपने शोध को जारी रखा और अपने अविष्कारों के लिए पेटेंट रखा था | कुछ अविष्कारों के परिणाम स्वरुप पेटेंट सहयोग संधियों पीसीटी ने विश्वाविघ्यालय के लिए रॉयल्टि अर्जित कि थी | उनहोंने विश्वाविघ्यालय कि और से नैदानिक परीक्षणो मे भी भाग लिया है | उन्होंने अपने शोध के निष्कर्षो का कई लेखों मे प्रकाशित किया है | उनके काम पर विशेष रुप से व्याख्यान दिए है |
पूरस्कार और सम्मान :
1) वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद ने उनहें 1998 मे सर्वोच्चा भारतीय विज्ञान पूरस्कारों मे से एक शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित किया था |
2) उन्हें 2005 मे सोसायटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्टास इंडिया का एम श्रीनिवासया मेमोरियल अवार्ड मिला था |
3) 2010 मे भारतीय राष्ट्रीय कॉग्रेस के 102 वे संस्करण मे राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के प्रोफेसर बी के बछावत मेमोरियल लेक्चर और प्लेटिनम जुबली लेक्चर सहित कई पूरस्कार प्रदान किए थे |
पूस्तके :
1) इन्फयूएंजा हेमाग्लगुटिनि प्रेरित कोशिका संलयन के प्रारंभिक चरण दो प्फोरोसंट घटनाओ व्दारा एक साथ निगरानी किए गए : साइटोप्लाजिमक निरंतरता और लिपिड मिश्रण : 1989|
2) मेम्ब्रेन फयूजन तकनीक 1993|
3) इंजीनीयर विरोसोम का उपयोग करके यकृत कोशिकाओं को उपन्यास जीव वितरण 1997 |
4) विरोम्सा व्दारा लक्षित जीन डिलीवरी 2002|
5) मानव ल्यूकोसाइट एंटीजन वर्ग 2009|