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नाम : एन. एस. सत्या मुर्ति
जन्म : 5 फरवरी 1936
ठिकाण : भारत
व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी, परमाणू भौतिकी प्रभाग के प्रमूख
प्रारंभिक जीवनी :
एन. एस. सत्या मुर्ति का पूरा नाम निवृत्ती सूर्यनारायण शास्त्री सत्या मुर्ति था | एन एस सत्या मुर्ति एक भारतीय भौतिक विज्ञानी और भाभा परमाणू अनुसंधान केंद्र के परमाणू भौतिकी प्रभाग के प्रमूख थे | उनका जन्म 5 फरवरी 1936 को भारत मे हुआ था | एन एस सत्या मुर्ति ने सन 1967 मे बॉम्बे विश्वाविदयालय से पीएचडी प्राप्ता कि थी | आणविक प्रतिक्रिया गतिकी मे अपने शोध के लिए मुर्ति को जाना जाता है | उनका शोध चुंबकीय सामग्री पर केंद्रीत था |
कार्य :
एन. एस. सत्या मुर्ती ने भाभा परमाणू अनुसंधान केंद्र मे सहायक निदेशक के रुप मे और परमाणू भौतिकी प्रभाग के प्रमूख के रुप मे कार्य किया है | सत्या मुर्ती ने थर्मल न्यूट्रॉन कि मदद से समग्रियों का अध्यायन किया था | उन्होंने इस विषय कि समक्ष को व्यापक किया था | मुर्ति और उनकी टीम ने उपन्यास चुंबकीय संरचनाओ कि खोज और थर्मल न्यूट्रीकरण के लिए घ्रूवीकरण करने का महत्वापूर्ण्ं कार्य किया है |
मुर्ती ने वैज्ञानिकों के एक समूह का नेतृत्वा कीया था | इस समुह ने रिएक्टर के कई घटकों की अवधारण और निर्माण करने का कार्य किया था | मुर्ती ने BARC मे सुपरकंडाक्टिंग मैग्ग्रेट विकसित करने के अपना महत्वापूर्ण योगदान दिया है | यैकेट किटेल प्रकार के केरिमैग्नेटिष्म के विकास के लिए उनके काम कि सहायता मिली है |
मुर्ती ने BARC पर कॉम्पन प्रोफाइल स्पेस्ट्रोस्कोपी मोसबॉयर स्पेक्ट्रोकोपी और रमन स्पेक्ट्रोकोपी जैसी प्रयोगात्मक तकनीको कि शुरुवात कि है | मुर्ती ने सहकारी प्रभावों और लंबे तरंग दैर्ध्य उत्तेजनाओं जैसे इलेक्ट्रॉन राजयों जैसे बुनियादी अनुसंधान का बीडा उठाया है | उन्होंने उन्न्त प्रौघोगिकी के लिए राजा रमन्ना सेंटर कि स्थापना मे अपना योगदान दीया है |
उन्होंने भारतीय भौतिकी संघ के लिए चुंबकत्वा और एकीकृत परिपयों पर शैक्षणिक पाठयाक्रमों का समन्वय किया है | 1973 से 1977 तक वे दो कार्यकालों के लिए संगठन के महासचिव थे | मुर्ती बुलेटिन ऑफ मैटेरियल्सा साइंस के एक संपादकिय बोर्ड के सदस्या भी रहे है |
उपलब्धि :
पूरस्कार / सम्मान :
1)1975 मे इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज व्दारा उन्हे एक साथी के रुप मे चुना गया था |
2)1980 मे मुर्ती को शांती स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था |
3)मुर्ती भारतीय रार्ष्टीय विज्ञान अकादमी राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत और भारतीय विज्ञान आकादमी के एक निर्वाचित साथी थे |
4)भारतीय भौतिकी संघ ने युवा वैज्ञानिकों के बीच भौतिक विज्ञान मे अनुसंधान उत्कृष्टता को मान्याता देने के लिए एक वार्षिक पूरस्कार एनएस सत्यमुर्ति मेमोरियल अवार्ड की स्थापना कि गई है |
पूस्तक/ग्रंथ :
1) मुर्ती के अध्यायन केा कई लेखो के माध्याम से प्रलेखित किया गया है | भारतीय विज्ञान अकादमी के लेख भंडार ने उनमे से 23 को सुचीबध्दा किया है |
2) मुर्ती ने एल माधव राव के साथ एक मोनोगेट मैग्नेटिजम प्रकाशित किया था |
8 अक्टूबर 1984 को सत्यामूर्ती का निधन हो गया |