Deoxa Indonesian Channels

lisensi

Advertisement

" />
, 02:54 WIB
वैज्ञानिक

बिमला बुटी की जीवनी - Biography of Bimala Buti in hindi jivani

Advertisement


नाम : बिमला बुटी

जन्म तिथी 19 सितंबर 1933

ठिकाण : मुल्तान, भारत

व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी

पिता : बोध राज


प्रारंभिक जीवनी :


        बिमला बुटी का जन्म 19 सितंबर 1933 केा मुल्तान भारत मे हुआ था | वह बोध राज और जमुना देवी बुटी कि बेटी थी | बूटी ने दिल्ली विश्वाविदयालय से भौतिकी मे बीएससी ऑनर्स और एमएससी कि डिग्री प्रापत कि थी | डॉक्टरेट कि पढाई के लिए उसे शिकागो विश्वाविदयालय मे भर्ती कराया गया था |


        उन्होंने सुब्रहमण्यान चंद्रशेखर कि देखरेख मे काम किया था | और 1962 मे प्ला्मा भौतिकी मे पीएचडी कि डिग्री हासिल कि थी | डॉक्टरेट कि उपाधि प्राप्ता करने के बाद, बूटी भारत लौट आई थी | और दिल्ली विश्वाविदयालय मे एक शिक्षकी भूमिका निभाई थी | दो साल बाद वह गोडार्ड स्पेस प्फाइट सेंटर मे काम करने के लिए वापस अमेरिका चली गई थी |


कार्य :


        बिमला बूटी एक भारतीय भौतिक विज्ञानी है | और प्ला्जमा भौतिकी के क्षेत्र मे माहिर है | वह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी INSA की पहली भारतीय महिला भौतिक विदू फेलो थी | 1968 मे बुटी भारत वापस आए थी | और उन्होंने भारतीय प्रौघोगिक संस्थान, दिल्ली मे नौकरी कर ली |


        शारीरीक अनुसंधान प्रयोगशाला पीआर एल के तत्कालीन निदेशक विक्रम साराभाई मे बुटी को पीआरएल मे शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था | जहाँ बूटी ने 1970 से 1993 तक एसोसिएट प्रोफेसर प्रोफेसर, वरिष्ठा प्रोफेसर और संकाय के डीन के रुप मे कार्य किया था |


        चीआरएल मे बूटी ने प्रायोगिक प्लाजमा भौतिकी कार्यक्रम के लिए एक नया खंड शुरु किया था | इसके तुरंत बाद, इस समूह को भारतीय परमाणू ऊर्जा विभाग को तत्वावधान मे एक अलग संस्थान के रुप मे जाना जाता है | जिसे प्लाजमा अनुसंधान संस्थान के रुप मे जाना जाता है |


        1985: 2003 के बीच, बुटी इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरटिीकल फिजिक्सा ट्रएस्टे, इटली मे प्लाजमा भौतिकी के निदेशक थे | बूटी ने अपने करियर मे बडी संस्था मे शोध पत्र प्रकाशीत किए थे | और चार पूस्ताकोंका संपादन किया था | 1977: 83 के बीच वह प्लाजमा साइंस, यूएसए मे आईईई ट्रांजेक्शास के एसोसिएट एडिटर थे | उसने प्लामा साइंस सोसयटी की स्थापना कि थी | और 1992: 93 के बीच उसके अध्याक्ष के रुप मे काम किया था |


पूरस्कार और सम्मान :


1) विक्रम साराभाई अवार्ड फॉर प्लैनेटरी साइंसेज 1977 |

2) जवाहरलाल नेहरु जन्म शताब्दी व्याख्यान पुरस्कार 1993|

3) 1994 मे एस्ट्रोफिजिक्सा के लिए INSA :Vainu Bappu पूरस्कार|

4) शिकागो विश्वाविदयालय, यू एसए 1996 के व्यावसायीक उपलब्धि प्रशस्ति पत्र|

5) नॉनलेयर वेल्स एंड कैओस के भौतिकी मे मौलिक योगदान के लिए यूएसमेडल 2010|

6) नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज भारत के फेलो |

7) अमेरीकन फिजिकल सोसाइटी के फेलो|

8) भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के साथी| 


पूस्तके :


1) प्लाजमा भौतिकी मे हाय के अग्निम : शारीरिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद मे आयोजित कार्यशाला कि कार्यवाही|