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नाम : स्यामदास मुखोपाध्याय
जन्म दि : 22 जून 1866
ठिकाण : होरीपाल ब्लॉक, हुगली जिला, पश्चिम बंगाल
व्यावसाय : गणितज्ञ
मर गए : 08 जून 1937
प्रारंभिक जीवन :
स्यामदास मुखोपाध्याय का जन्म 22 जून 1866 मे हुआ था | उनका जन्म होरीपाल ब्लॉक, हुगली जिले मे पश्चिम बंगाल भारत मे हुआ था | उन्होंने हुगली कॉलेज से स्त्रातक की उपाधि प्राप्ता कि थी | और फिर उन्होंने कलकत्ता मे प्रेसीडेंसी कॉलेज से एम ए की डिग्री प्राप्ता की थी |
और स्यामदास मुखोपाध्याय ने 1910 मे कलकत्ता विश्वाविघ्यालय से पी एच डी की उपाधि प्राप्ता कि थी | स्यायमदास मुखोपाध्याय ने इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन साइंस की कक्षाएं भी लीई थी |उन्होने विमान जयामिति मे चार शीर्ष की प्रमेय और मुख्योपाध्याय की प्रमेय की शुरुआत कि थी |
कार्य :
स्यामदास मुखोपाध्याय एक भारतीय गणितज्ञ थे | मुख्योपाध्याय को आशुतोष मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वाविघ्यालय मे गणित के प्रोफेसर के रुप मे नियुक्ता किया गया था | जैक्सा हैडमार्क ने मुखोपाध्याय के साथ विमान चाप की जयामिति पर विल्हेम ब्लास्पेक की पुस्तक मे मुख्योपाध्याय का संदर्भ था |
स्यामदास ने बंगबासी कॉलेज और फिर कलकत्ता के बेथ्यून कॉलेज मे काम किया है | जहाँ उन्हेांने गणित, अंग्रेजी साहित्या और दर्शनशास्त्रा में व्याख्यान दिया था | 1932 मे उन्हें कोलकत्ता गणितीय सोसायटी के अध्याक्ष चुने गए थे | उन्होने 1937 मे –हदय गति रुकने से मृत्यू होने तक इस क्षमता मे सेवा की थी | मुख्योपाध्याय को प्रमेय, फॉर वटैक्सा प्रमेय और गैर युक्लिडियन जयामिती और विभेदक जयामिती के लिए जना जाता है |
उपलब्धी :
1) ग्राफिथ पुरस्कार