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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सुमिती सोलोमन की जीवनी - Biography of Sumiti Solomon in hindi jivani

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नाम : सुमिती सोलोमन

जन्म दि : 14 आक्टोबर 1939

ठिकाण : चेन्नाई

पति : विक्टर सोलोमन

व्यावसाय : चिकित्साक, माइक्रोबायोलॉजिस्टा

मर गई : 28 जुलाई 2015


प्रांरभिक जीवन :


        सुमिती सोलोमन का जन्म 14 आक्टोबर 1939 को हुवा था | उनका जन्म चेन्नाई के व्यापारियों के एक महाराष्ट्रीयन हिंदू परिवार मे पैदा हुई थी | सुमिती सोलोमन वो सातवी संतान थी | और एक इकलौती बेटी थी | उसने मद्रस मेडिकल कॉलेज मे चकित्सा का अध्यायन किया था | 1973 तक युके युएस और ऑक्ट्रोलीया मे पॅथोलॉजी मे प्रशिक्षीत किया गया था | उनके पति विक्टर सोलोमन चेन्नाई लौटे, क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी संवाओं कि भारत मे अधिक आवश्यकता थी | उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी मे डॉक्टरेट किया था |


        सुनिती सोलोमन ने मद्रास मेडिकल कॉलेज मे माइक्रोबायोलॉजी संस्था मे प्रवेश लिया था | मद्रास कॉलेज मे दवा का अध्यायन करते समय, सुलैमान अपने पति विक्टर सोलोमन से मिले थे | उसने यु के, युएस और ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा का अनुसरण किया था | उनके बेटे सुनील सोलोमन बाल्टीमोर मे जॉन्सा हॉपकिंस विश्वाविदयालय मे एक महामारी विज्ञानी है | विदेश मे अपने पहले कैरियर के जीवन मे सोलमोन ने किंग्स कॉलेज अस्पताल लंदन मे एक जुनियर चिकित्साक के रुप मे काम किया था |


        सोलोमन ने मद्रास मेडिकल कॉलेज मे माइक्रोबायोलॉजिस्टा के रुप मे काम किया था | उनहोने 1981 मे एडस के नैदानिक विवरण 1983 मे एचआईवी की खोज और 1986 तक 100महिला यौनकर्मियों के परिक्षण का निर्णय लिया था | क्योंकि भारत मे काई समलेंगिक पॉर्जिटव निकले थे | सुलैमान ने एचआईवी एडस अनुसंधान, उपचार और जागरुकता पर काम करते हुए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला किया था |


कार्य :


        सुनिती सोलोमन एक भारतीय चिकित्सक और माइक्रोबायोलॉजिस्टा थी | 1986 मे चेन्नाई के योनकर्मियों के बीच आपने छात्र सेलप्पा निर्मला के साथ पहले भारतीय एडस मामलों का निदान करने के बाद भारत मे एडस अनुसंधान और रोकथाम का नेतृत्वा किया था | उन्होंने चेन्नाई मे वाईआर गायतोंडे सेंटर फॉर एउस रिसर्च एंड एजुकेशन की स्थापना कि थी |


        1988 से 1993 तक सोलोमन ने M Mc मे स्थापित भारत मे पहला एउस संसाधन समुह स्थापित किया था | और विविध प्रकार के एउस अनुसंधान और सामाजिक सेवाओं को चलाया था | उन्होने चेन्नाई के एडस डॉक्टर का नाम प्राप्ता किया था | और एडस सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्याक्ष के रुप मे सेवा कि थी |श्


उपलब्धी :


1) 2005 मे तामिलनाउू स्टेट एउस कंट्रोल सोसाइटी व्दारा एचआईवी पर उनके काम के लिए एक लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला था |

2) 2009 मे भारतीय विज्ञान और प्रौघोगिकी मंत्रालय व्दारा राष्ट्रीय महिला जैव वैज्ञानिक पूरस्कार |

3) 2010 मे नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज कि फेलोशिप|

4) 2012 मे चेन्नाई मे राजया संचालित डॉ एमजीआर मेडिकल विश्वविदयालय व्दारा लाइफटाइम अचविमेंट अवार्ड फॉर सर्विस ऑन एचआईवी एउस|

5) शिक्षा और मानवीय सेवाओं के लिए मदर टेरेसा मेमोरियल अवार्ड|

6) 2017 मे भारत सरकार ने चिकीत्सा के क्षैत्र मे उनकी विशिष्टा सेवा के लिए पदश्री पूरस्कार देने कि घोषणा कि है |