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नाम : सुजॉय कुमार गुटा
जन्म दि : 20 जून 1940
ठिकाण : पटना, भारत
व्यावसाय : बायेामेडिकल इंजीनियर
प्रारंभिक जीवन :
सुजॉय कुमार गुटा का जन्म 20 जून 1940 को हुवा है | उनका जन्म भारत के पटना मे हुवा है | गुहा ने IIT खडगपूर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मे स्त्रातक की डिग्री बी टेक प्राप्ता कि है | इसके बाद आयआयटी मे इलेक्ट्रिकल इंजीनिनयरिंग मे मास्ट्र डिग्री प्रापता कि है | और इलिनोइस विश्वाविदयालय , उरवाना शैपेन से एक और मास्टार डिग्री प्रापता कि है |
सुजॉय कुमार गुटा ने अपनी पीएचडी सेट लुइस युनिवर्सिटी से मेडिकल फिजियोलॉजी मे पीएचडी प्राप्ता कि है | उन्होने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से अभ्यास के लिए लाइसेस के साथ मेडिकल डिग्री पुरी की है | उन्हेांने वैसी अनुसंधान का नेतृत्वा किया है | दिल्ली विश्वाविदयालय से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्ता कि है |
कार्य :
सुजॉय कुमार गटा ने सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजिनियरिंग आयआयटी दिल्ली और एआयएमएस की स्थापना की है | भारत मे बायेामेडिकल इंजीनियरिंग के संस्थापकों मे से एक है | गुटा अंतराष्ट्रीय स्तार पर पूनर्वास इंजीनियरिंग, प्रजनन चिकित्सा और जैव स्वास्था मे ग्रामीण स्वास्था देखभाल के लिए प्रौघोगिकी के क्षैत्र मे जाना जाता है | गुटा एक भारतीय बायोमेडिकल इंजिनियर है | गुटा को कई पूरस्कार मिले है | और उदधृत पत्रिकाओं मे 100 से अधिक शोघ पत्र है | 2003 मे गुटा आयआयटी खडगपूर मे एक प्रोफेसर बने है |
गैर हार्मोनल बहुलक आधारित इंजेक्टेबल पुरुष गर्भाजिरोधक आरआयएसओजी के अविष्कार और विकास मे उनका प्रमूख योगदान रहा है | वर्तमान मे गुटा फिलजिकल एंट्रोलॉजी पोग्राम विकसित कर रहे है | और सोसाइटी ऑफ इंडोलॉजी, भारत के गूटा अध्याक्ष भी है |
प्रजनन स्वास्था के क्षैत्र पर ध्यान केंद्रीत करते हुए प्रोफेसर गुटा के व्यापक वैज्ञानिक और तकनीकी हित शामिल है | ग्रामीण स्वास्था देखभाल के लिए सरल कम लागत वाली प्रौघोगिकी मे सबसे उन्नत और तकनीकी रुप से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं का उपयोग करना ऐसा गुटा को लगता है | विकलांगो का पुनर्वास विशेष रुप से अंधा जिनके लिए उन्होंने कंप्यूटर ज्ञान और ग्राफीक्सा तक पहुंच के लिए एक प्रणाली तैयार की गई है |
उपलब्धी :
1) 2020 मे भारत के चौथे सर्वोच्चा नागरिक सम्मान पदमश्री से सम्माजित किया गया है |
2) इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पुरस्कार