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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सोनिया नित्यानंद की जीवनी - Biography of Sonia Nityananda in hindi jivani

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नाम : सोनिया नित्यानंद

जन्म दि : 6 सितंबर 1962

ठिकाण : लखनऊ

व्यावसाय : प्रतिरक्षवितानी सलाहकार


प्रारंभिक जीवन :


        सोनिया नित्यानंद 6 सितंबर 1962 मे हुवा था | उनका जन्म लखनऊ भारत मे हुवा है | उन्होंने अपने करियर की शुरुवात चरण मे की है | नित्यानंद ने केजीएमसी लखनऊ मे चिकित्सा में सहायक प्रोफेसर के रुप मे काम किया हे | जहॉ, उन्होंने अक्टूबर 1991 से नवंबर 1993 तक सेवा कि है |


        उसके बाद सोनिया नित्यापंद शुरु मे नवम्बर 1993 से एसजीपीजी आईएमएस से संकाय सदस्या रही है | डिपार्टमेंट ऑफ इम्यूनालॉजी मे और हाल ही मे डिपार्टमेंट ऑफ हेमटोलॉजी मे अपना करियर किया है | सोनिया नित्यानंद वर्ष 1991 से 1992 मे स्टॉकहोम के करोलिस्का इंस्टीटयूट मे इम्यूनोलॉजी मे एक यात्रा की साथी भी रही है |


        सोनिया नित्यानंद एक भारतीय प्रतिरक्षाविज्ञानी है | जो हमटोलॉजी मे विशेषज्ञता रखती है | उन्हेांने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से अपना स्त्रातक और स्त्रातकोत्तर दोनो पूरा किया है | सोनिया नित्यानंद मे कशेलिस्टा इंस्टीटयूट स्टाँकहोम स्वीडन से इम्यूनोलॉजी मे पीएचडी करने के लिए आगे बढी और अपनी पीएचडी उत्तीर्ण हुई | सोनिया नित्यानंद भारतीय प्रतिरक्षाविज्ञानी सलाहकार है | वो उपलब्धि :यों मे सबसे पहले Sgpgims मे बोज मैसे ट्रॉसपलांअ सेंटर की स्थापना करने मे उनका बहुत बडा योगदान है |


        डिपार्टमेंट ऑफ हेमटोलॉजी संजय गांधी पोस्टा ग्रेजूएट इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल ऑपु साइंसेज से उन्होने एमबीबीएस और एमडी, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज KGME लखनऊ से शिक्षा ले लेई है | उन्हेांने एम डी के बाद कैशेलिन इंस्टीटयूट स्कॉकहोग इम्यूनोलॉजी मे अपनी पीएचडी कम्पलेट की है | शुरुआत मे सोनिया इम्यूनोलॉजी विभाग मे थी |


कार्य :


        सोनिया नित्यानंद एक प्रोफेस और हेड है | एक अम्पास्टिक अनीमिया का प्रतिरक्षात्माक आधार, अनीस थायसोसाइट ग्लोब्यूलिन कि क्रिया का तंत्र अपलास्टिक एनीमिया मे शामिल है | उसक उद्देश्या इन बीमारियों के रोगजनन को समझाना और बेहतर चिकित्सीय रणनीतियों केा विकसीत करना है |


        उसकी अच्छी है कि बेंच वर्क का लाभ बेडसाइड पर ले जाने की है | TAKAYASU का धमनीशोध एक VASCULITIC विकार है | जो युवा महिला ओ और भारत एसई एशिया और जापान के लिए अजीब है | इसके रोगजनक और उपचार के बारे मे उसके कुछ उल्लेखनीय निष्कर्ष है |


        आंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं मे प्रकाशित हुए है | सोनिया ने इस बेमारी मे एटीजी की कार्रवाई के तंत्र की समझा मे सोनिया ने महत्वापूर्ण योगदान दिया है | डॉ सेानिया नित्यानंद का एक और उल्लेखनिय योगदान एसपीपीजीआईएमएस मे एक अस्थि मजा प्रत्यारोपण कार्यक्रम की सफल स्थापना है | और उन्होंने विभिन्ना रक्त संबंधी विकारों के लिए अब तक 25 प्रत्यारोपण किए है |


        वो वर्तमान मे ऊतक पुनर्जनण मस्मत के लिए स्टेम सेल प्रत्यारोपण की खोज कर रही है | उन्होंने SGPGIMS मे हेमटोलॉजी कि विशेषता स्थापित करने के एक महत्वापूर्ण भूमिका निभाई है | जो पहले डिपार्टमेंट ऑफ इम्यूनोलॉजी कस उक हिस्सा था | लेकिन इसके बाद विकास और हेमटोलॉजिकल रोगियों की संस्था मे वृध्दि के कारण एक अलग विभाग बनवाया गया है |


उपलबधी :


1) 2003 से 2004 के लिए कैरियर विकास के लिए जैव प्रौघोगिकी राष्ट्रीय बायोसाइस पूरस्कार दिया गया है |

2) 1990 के लिए भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी युवा वैज्ञानिक पूरस्कार प्रदान किया गया है |

3) 2000 को डॉ जेसी पटेल और बी सी मेहता एसोसिएयशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया पूरस्कार|

4) डॉ. एनएन गुप्ता गोल्ड मेडल|

5) सर्वश्रेष्ठा चिकित्सा छात्र के लिए चांएलर मेडल