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नाम : सौरव पाल
जन्म दि : 12 मई 1955
ठिकाण : कानपूर
व्यावसाय : क्वांटम रसायन विज्ञान
प्रारंभिक जीवन :
सौरव पाल 12 मई 1955 मे हुवा था उनका जन्म कानपूर मे हुवा था | व्यावसाय क्वांटम रसायन विज्ञान का काम करते है | सौरव पाल ने 1977मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान कानपूर से अपनी डिग्री प्राप्ता कि थी | और इसके बाद उन्होंने देबाशीष मुखर्जी की देखरेख मे इंडियन एसोसिएशन फॉर द बाद फल्टिवेशन ऑफ साइंस से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्ता कि थी | बाद मे 1986 मे रॉडनी जे बार्लेड के साथ फलोरिडा विश्वाविदयालय मे पोस्टा डॉक्टरट शोधकर्ता बने थे |
सौरव पाल को व्काटमरसायन विज्ञान मे उनके योगदान के लिए जाना जा है | और विषेश रुप से युग्मीत कलस्टर आधारित विधियों के क्षैत्र मे उनकी प्रमूख वैज्ञानिक उपलब्धि :यों मे अपेक्षा मूल्या कहोर विकास है | सााथ् ही विस्तारित युग्मित क्लस्टर कार्यालय संदर्भ युग्मिल कल्स्टार सहसंबंध का प्रभाव और निन्मतर इलेक्ट्रॉन पर विनिमय प्रभावों की भुमिका शामिल है |
अणुविखरना एमआरसीसी सिध्दांत मे जटिल सकेलिंग और जटिल अवशोषित करने की क्षमता का परिचय इलेक्ट्रॉन परमाणू और इलेक्ट्रॉन अणु प्रतिध्वनी की सटीक गणना है | सौरव पाल ने गैर रैखिक गुणो की गणना के लिए गैर पुनरावृती को विकसति किया है | जो डेमन कोड को डेवलपर्स संस्कारण मे लागु किया गया है | उन्हेांने गॉसियन आधार सेटों और बोर्नऔपेहाइमर सन्निकटन का उपयोग करने इजिटियों आणविक गतिकी का विकास किया गया था | जो परिमित आकार के अणुओ की प्रतिकृयाओं का अध्यायन करता है | अल फ्री बीटा जिओलाइट को हाल ही मे संश्लेषण किया गया हे|
कार्य :
डॅा सौरव पाल ने भी प्रतिक्रियात्माक कांनकर्ताओ के क्षैत्र मे महत्वापूर्ण योगदान दिया गया है | जो अधिकतम कठोरता के सिध्दांत को वैधता की स्थितियों को उजागर करता है | और ध्रूवीकरण के साथ कठोरता का गुणात्माक संबंध प्राप्ता करता है | उन्हेांने कउूंसी फुकूई कार्यो की गणना मे हिर्सफील्ड जनसंख्या की स्थापना की थी |
उनके प्रमूख योगदानों मे इलेक्ट्रॉन स्थानीकरण समारोह और चुंबकीय रिंग धाराओं के अध्यायन मे इनिटियों आणविक गतिशिलता का उपयोग करके धातु के समुहो मे सुगंध रोधी का अध्यायन किया है | सौरव पाल को 2000 का इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज के संपादकीय बोर्ड के सदस्या के रुप मे चुना गया था | और वैज्ञानिक मूल्यों के लिए सोसायटी के जीवन सदस्या के रुप मे चुना गया था | वो अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी, युएसएस क सदस्या थे |
उपलब्धी :
1) 2000 मे शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार : मिला था |
2) 2008 की जेसी बोस नेशनल फेलोशिप के प्राप्तकर्ता थे |
3) 2009 को केमिकल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया सिल्वर मेडल मिला था|
4) 2003 मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी , नई दिल्ली के फेलो के रुप मे चुने गए|
5) 1996 मे इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज, भारत इलाहाबाद के फेलो के रुप मे चुने गए थे |
6) 2006 को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, डॉ जगदीश शंकर मेमोरियल लेक्चर प्राप्ता किया|
7) 2005 को बिमला चर्न लॉ मेमोरियल लेक्चर अवार्ड का प्राप्ता कर्ता था |
8) 2004:2005 मे यूआयसीटी की दाई इची करकारिया एंडोमेंट फेलो के रुप मे चुना गया था |
9) 2000 को केमिकल रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडिया मेडल मिला था|
10) 1994 मे महाराष्ट्रा एकेडमी ऑफ साइंसेज के फेलो के रुप मे चुना गया था |
11) 1999 को एनसीएल रिसर्च फाउंडेशन साइंटिस्टाऑफ द इयर पूरस्कार प्रदान किया |