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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

सोमनाथ भारव्दाज की जीवनी - Biography of Somnath Bharadwaj in hindi jivani

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नाम : सोमनाथ भारव्दाज

जन्म दि: 28 अक्टूबर 1964

ठिकाण : कोलकत्ता

व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी, खगोल भौतिकी और ब्रम्हांड विज्ञान


प्रारंभिक जीवन :


        सोमनाथ भारव्दाज का जन्म 28 अक्टूबर 1964 मे हुवा है | उनका जन्म कोलकता मे हुवा है | उन्होंने खडगपूर मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान मे अध्यायन किया है | इसके बाद मे भारतीय विज्ञान संस्थान मे पीएचडी प्राप्ता कि है | सोमनाथ भारव्दाज ने हरिश चंद्र अनुसंधान संस्थान मे काम किया | और इसके बाद वह खडगापूर मे प्रोफेसर बने रहे |


        उन्होंने बडे पैमाने पर संरचना के गठन की गतिशिलता मे महत्वापूर्ण योगदान दिया है | उन्हें 2003 मे आयआयटी के उन प्रोफेसरों मे से एक चुना गया था | भारतव्दाज विज्ञान संगोळी के प्रतिष्ठित इंडो यूएस फ्रंटियर मे गैलेक्सी फॉर्मेशन पर एक आमंत्रित वक्ता थे | जिसे 2005 मे युएस नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज व्दारा आयोजित कियागया था |


        सोमनाथ भारव्दाज एक भारतीय सैघ्दांतीक भौतिक विज्ञानी है | जो सैध्दांतिक खगोल भौतिक और ब्रंम्हांड विज्ञान पर काम करने है | वह वर्तमान मे इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज व्दारा प्रकाशित जर्नल ऑफ एस्ट्रोफिजिक्सा एंड एस्ट्रोनॉमी के संपादकीय बोर्ड मे है | और उनकी मातृ संस्था सेंट जेवियर्स स्कुल, सेंट जेम्सा स्कुल, भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान, भारतीय विज्ञान संस्थान और रमन अनुसंधान संस्थान है | उनका वैज्ञानिक कैरियर खेत भौतिक विज्ञान और संस्थानों हरीश चंद्र अनुसंधान संस्थान, भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान और सैध्दांतिक अध्यायन केंद्र है |


कार्य : 


        सोमनाथ भारतव्दाज 1998 मे संस्थान से जुडे है | वो एक भौतिक और मोसम विज्ञान और एसोसिएट प्रोफेसर है | उनकी पीएचडी बैंगलोर मे हुई है | और वो आयआयटी केजीपी औ सीटी5 से भी जुडे हुऐ है | बिस्पेक्ट्राम के रंडशिफट स्पेस डिस्टॉर्शन कि मात्रा निर्धारित प्रिमोर्डियल नॉन गॉसिसिटी लेखक है | अनुप्रयोग तारकीय भौतिकी सफेद, बौन न्यूट्रॉन सितारे अकाशगंगा विस्तार का पाठ शामिल है |


        सोमनाथ भारतव्दाज के करिअर मे उन्हेांने जो वर्तमाय समय मे पृथ्वी या इसके अंतरिक्ष आधारित और पूर्ण जांच से देखे जा सकते हे | क्योंकि इन वस्तुओं से विदयुत चुंबकीय विकीरण के बाद से सौर मंडल और पृथ्वी तक पहुंचने का समय हुवा है |

1999:2000 मे इंटरनेशनल एस्ट्रॉलॉमी ओलंपीयाड मे शीर्ष परिणमों के लिए भारतीय ओलंपियाउ टिम का चयन और चयन किया |


        उनकी आउटरीख गतिविधियों मे रेडियो पर कई कार्यक्रम शामील है | रायचौधरी इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिक युनियन के सदस्या है | और रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी के फेलो है | वे एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडियन के एक जीवन सदस्या है | और 1998:2000 के दौरान इसकी परीषद के एक निर्वाचित सदस्या थे |


उपलब्धी :


1) 1988द मे जेटनाईट निबंध पूरस्कार |

2) 1985 मे डगलस स्लेडेन निबंध पूरस्कार |

3) 1982 मे प्रेसीडेंसी कॉलेज गोल्डमेडल|