Advertisement
नाम : सोमक रायचौधरी
जन्म दि : 1 जनवरी 1962
ठिकाण : कोलकत्ता
व्यावसाय : खगोल भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान
प्रांरभिक जीवन :
सोमक रायचौधरी का जन्म 1 जनवरी 1962 मे हुवा था | उनका जन्म कोलकाता तब उसे कलकत्ता कहते थे उस शहर मे हुवा है | उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेजिएउ स्कूल कोलकत्ता मे पढाई कि है | जिसमें उन्हेांने पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन 1977 मे मध्यामा परिक्षा मे दुसरा स्थान हासिल किया है |
रायचौधरी ने इसके बाद कोलकत्ता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढाई कि जिसमे उन्होंने राजय मे दुसरा सान हासिल किया था | इसके बाद पश्चिम बंगाल उच्चा माध्यामिक शिक्षा परिषद कि माध्यामिक परिक्षा दी थी | जिसमें से उन्होंने प्रेसीउेंसी कॉलेज कलकत्ता मे दाखिला लिया |
जहाँ उन्होने 1983 मे भौतिक मे बीएससी कि डिग्री उत्तीर्ण कि | उन्हेांने तब ट्रिनिटी कॉलेज ऑक्सफोर्ड विश्वाविदयालय मे भौतिक मे बीए बी डिग्री हासिल करने के लिए इनलब्सा शिवदासानी काउंडेशन से एक इनलक्सा स्कॉ रशिप का समर्थन किया |
1990 मे चर्चिल कॉलेज कैम्ब्रिज के सदस्या के रुप मे कैम्ब्रिज विश्वाविदयालय युनाइटेउ किंगडम से एस्ट्रोपिुजिक्सा मे पीएचडी प्राप्ता करने के लिए आगे बढे, जो इसका न्यूटन स्टुउेंटशिप व्दारा समर्थित था | डोनाल्उ लिंउेन बेल, FRS व्दारा पर्यवेक्षण किए गए उनके डॉक्टरेट थिसिस का विषया ग्रेविटी गैलेक्सीज और ग्रेट अट्रेक्टर सर्वे था |
कार्य :
रायचोधरी एस्ट्रोफिजिक्सा मे रिडर है | और एस्ट्रोफिजिक्सा एंड स्पेस रिसर्च ग्रूप के सदस्या है | उनके अनुसंधान के हित समूहों और समुहों मे आकशगंगाओ के विकास के अध्यायन मे निहीत है | और उन्होंने ब्रम्हांडीय वेष सुपरक्लस्टार फिलामेंट्रस पर उन्हेांने यह समझने के लिए ऑप्टिकल एक्सारे, रेडियों अवरक्त और परबैंगनी टिप्पणियों का उपयोग किया है |
उन्होंने खगोलीय डेटा खनन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग टन विकासशील मशीन लार्जिंग एल्गोरिदम का भी नेतृत्वा किया है | उन्होंने इन विषयों पर सह समीक्षा कि गई वैज्ञानिक पत्रिकाओं मे 80 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए है |
वह स्कुली छात्रों और उनके शिक्षकों और आम जनता को शामिल करने वाले खगोलीय विषयों पर एक पर्यापता आउटरीच कार्यक्रम करने वाले खागेलीया विषयो पर एक पर्यापत आउटरीच कार्यक्रम का नेतृत्वा किया है |
रायचौंधरी के अनुसंधान के हित समुहो मे आकाशगंगा के विकास के अध्यायन मे शामिल है | और इंडियन एस्ट्रोनॉमी ओलपियाउ शुऊ करने वाले प्रमूख लोगो मे से एक थे |