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नाम : मदनलाल मेहता
जन्म दि: 24 दिसंबर 1932
ठिकाण : रेलमगरा, उलयपूर
व्यावसाय : गणित, भौतिकी वैज्ञानिक
प्रारंभिक जीवन :
मदनलाल मेहता का जन्म 24 दिसंबर 1932 को हुआ था | इनका जन्म उत्तर पश्चिम भारत मे उदयपूर के पास और राजस्थान के रेलमगरा मे हुआ था | उन्होंने सन 1956 मे जयपूर के राजस्थान विश्वाविघालय से गणित विषय मे मास्टार ऑफ सायन्सा कि पदवी प्राप्ता कि बॉम्बे मे टाटा इंस्टीटयूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मे दो साल के बाद , सेंटर डी एटयूडस न्यूक्लियर डे स्पूले गतितीय भौतिकि विभाग मे शामिल होने के लिए वह नवंबर 1958 मे फ्रान्सा गए |
1961 मे, उन्होंने कम धन्त्वा सामग्री पर काम करने वाले क्लाऊड ब्लीच के तहत अपनी पीएचडी प्राप्त कि | 1962:1963 तक उन्होंने प्रिंसटन यूएसए मे इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस्उ स्टडी मे काम किया | वह बडे ही महत्वांकांक्षी थे इसीलीए उन्होंने प्रिंसटन युनिवर्सिटी और अर्गनेन नेशनल लेबोरेटरी मे काम करने लिए सन 1966 से 1967 तक अमेरिका लोटने से पहले दिल्ली विश्वाविदयालय मे काम करते हुए भारत लौट आए |
किन्तू कुछ दिनों बाद EASACLAY मे सैध्दांतिक भौतिकि विभाग मे चले गए इसके बाद वह अपने पुरे शैक्षणिक जीवन काल वही स्थगित हुऐ |सन 1970 मे CNRS ने उन्हे काम पर रखा और 1971 मे उन्होंने फ्रांसीसी कि नागरिकता प्राप्ता कर ली | अलग अलग देशो मे रहने के कारण उन्हे अंग्रजी फ्रेंच, रुसी, जपानी,मंदारिन और हिंदी यह सभी भाषाएं अवगत थी |
कार्य :
मदनलाल मेहता बेहतरीन मेट्रिक्सा पर अपने काम के लिए जाने जाते है | रैडम मेट्रिक यह मदनलाल लिखीतपूस्ताक बहूत ही विख्यात होकर यह क्षेत्र मे क्लासीक माना जाता है | यूनीज विग्रर ने रैंडम मैट्रिक पर अपनी SIAM समीक्षा के दौरान मेहता को पुरस्कारीत कीया |
मेहता ने ऑथोगोननल बहूपद विधी का विकास किया है | जो कि स्वदेशी अध्यायन के लिए बहूमूल माना जाता है | इसके लिए उन्हेांने मिशेल गौडिन के साथ मिलकर कार्य किया |
परिपत्र पर भी मेहता ने काम किया इसके लिए उन्हेांने फ्रीमैन डायसन के साथ मिलकर कार्य किया था | इसके अलावा उन्होंने बहोत विख्यात लोंगो के साथ काम किया | जिसमे की श्रीवास्ताव, एन रोजेनजवेग, क्लोइजु के जे महोक्सा ए पांडे, जेएम नॉर्मेड, आईकोस्टोव, और बी इेयर्ड यह सभी शामिल है |