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वैज्ञानिक

श्रीपती चंद्रशेखर की जीवनी - Biography of Shripati Chandrashekhar in hindi jivani

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नांव : श्रीपती चंद्रशेखर

जन्म दि: 22 नवंबर 1918

ठिकाण : राजमुदंरी

भाई : श्रीपती सारंगापानी

व्यावसाय : जनसांख्याकि, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री


प्रारंभिक जीवन :


        श्रीपति चंद्रशेखर का जन्म 22 नवंबर 1918 को हुवा था | उनका जन्म राममुंदरी मे हुवा था | चंद्रशेखर ने भारत के वेल्लोर मे वोरेस हाई स्कूल मे शिक्षा लिई थी | और मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज मे अपनी पढाई की थी | जहाँ उन्होंने अर्थशास्त्रा मे बीए और एमए की उपाधि प्राप्ता कि थी | चंद्रशेखर ने 1944 मे पीएचडी न्यूयॉर्क विश्वाविदयालय से समाजशास्त्र मे पढाई किई थी | और अप्रैल 1964 मे चंद्रशेखर भारतीय संसद के उपरी सदन के लिए चुके गए थे |


        उन्हें 1967 मे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व्दारा स्वास्था और परिवार नियोजन मंत्री नियुक्त किया गया था | चंद्रशेखर का बढती भारतीय जनसंख्या से गहश संबंध था | और उन्होंने नसबंदी, गर्भपाल और गर्भपात जैसे विभिन्ना जनसंख्या नियंत्रण उपयों की वकालत की थी | उन्हे समाज के पारंपारिक क्षेत्रों से आलोचना का सामना करना पडा था |


कार्य :


        चंद्रशेखर एक प्रसिध्दा अंतर्राष्ट्रीय जनसांख्यिकी, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और विव्दान थे | उन्होंने अपना जीवन मुल भारत के लिए जनसंख्या नियंत्रण की वकालत करते हुए बिताया था | क्योंकि उनको लगता था कि, यह देश की अर्थव्यावस्था को बेहतर बनाने और लोकतंत्र पर अपनी नाजुक पकड को बचाने का सबसे अच्छा तरीका था | उन्होंने परिवार नियोजन के तरीकों पर भारतीय लोगो को शिक्षित करने के लिए संर्घष किया था | खासकर देश भर के दूरदराज के गांवो मे इस शब्द को फैलणे का प्रयास किया गया था | चंद्रशेखर ने महिलाओं के लिए गर्भपात और पुरुषो के लिए नसबंदी का समर्थन किया गया था 


        कृतिम जन्म नियंत्रण विधियो ओर गोली और आई युडी जैसे गर्भ निरोधकों के उपयोग को बढावा दिया था | उनके कई विचारो को विवादास्पद माना जाता है | और उन्हें अक्सार काफी विरोध का सामना करना पडता था | खासकर देश के ग्रामीण इलाकों मे जहां बडे परिवारों को अर्थिक आवश्यकता के रुप मे देखा जाता था | उन्होंने भारत की जनसंख्या समस्याओं पर अपना पहला पेपर लिखा था | उन्होंने यु युनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया मे भारत की आर्थिक और सामाजीक समस्याओं पर व्याख्यान दिया था | उन्होंने 1945 मे युएस ऑफिस ऑफ स्ट्रेटेजिक सर्विसेज के लिए भारतीय जनसांख्यिकी मे एक विशेषज्ञ के रुप मे काम किया था |


        चंद्रशेखर ने 1945 से 1947 तक ग्रेट ब्रिटेन से भारत को राजनितिक स्वातंत्रता को बढावा देने के लिए अमेरिका की यात्रा की थी | जुन 1947 मे उन्होंने न्यू जर्सी के एक अमेरिकी व्फेकर एन उाउन्सा से शादी कि थी | और कुछ समय बाद अन्नामलाई विश्वाविदयालय मे अथशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और अध्याक्ष के रुप मे एक नियुक्ती स्विकार करने के लिए भारत लौट आए | और 1948 मे वे पेरिस गए और युनेस्को के लिए जनसांख्यिकिय अनुसंधान के निदेशक के रुप मे कार्य किया था |


        1950 मे उन्होंने इंडियन इंस्टीटयूट फॉर पॉपूलेश्ंन स्टडीज IIPS शुरु कि थी | और 1951 से 1955 तक बडौंदा विश्वाविदयालय मे अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और अध्याक्ष रहे थे | 1953 मे शुरु होकर, चंद्रशेखर ने लंदन स्कुल ऑफ इकोनॉमिक्सा मे दो साल डेफोग्राफी मे नाफिल्डा फेलो के रुप मे बिताए थे | और उन्होंने अंतराष्ट्रीय सम्मेलन मे भाग लिया |


        अप्रैल 1964 मे चंद्रशेखर मद्रास का प्रतिनिधित्वा करने वाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्या के रुप मे रा्जया सभा के लिए चुने गए थे | इस क्षमता मे वो संसदीय स्तार पर अनसंख्या नियंत्रण उपायां को बढाया देने मे सक्षम थे | वह अपने संदेश को सुनने मे इतना सफल था | कि तीन साल बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्था और परिवार नियोजन मंत्री नियुक्ता किया गया था | मंत्री के रुप मे उन्होंने छोटे परिवारों को बढावा देने के लिए पैमाने पर अभियान चलाया और महिलाओं के लिए जन्म नियंत्रण के लिए कैफेटेरिया दृष्टीकोण का प्रस्ताव रखा गया था