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नाम: एस. के. सिक्का
जन्म दि : 22 नवंबर 1942
ठिकाण : झंग मधिना अविभाजित भारत मे
व्यावसाय : परमाणू संघनित पदार्थ, भौतिक विज्ञानी
प्रारंभिक जीवनी :
एस. के. सिक्का का पूरा नाम सतिंदर कुमार सिक्का है | वह एक भारतीय परमाणू संघनित पदार्थ भौतिक विज्ञानी है | क्रिसृलग्राफर और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के पूर्व वैज्ञानिक सचिव है |उन्हें भारत व्दारा हाइड्रोजन बम के डिझााइन और विकास मे रजा रमनना, राजगोपाला चिदंबरम और बसंती दुलाल नागचौघूरी के साथ एक महत्वापूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जात है |
एस. के. सिक्का का जन्म अविभाजित भारत मे झांग मधिना अब पाकिस्तान मे 22 नवंबर 1942 मे हुआ था | सन 1960 मे उन्हेांने पंजाब विश्वाविघ्यालय से बीएससी मे स्त्रातक किया है | उसके बाद उन्हेांने भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर ट्रेनिंग मे प्रवेश लिया था | वहाँ उनहोंने राजगोपाला चिदंबरम के अधीन अनूसंधान किया है | सन 1970 मे उन्हेांने मुंबई विश्वाविघ्यालय से पीएचडी कि उपाधि प्रापता कि है |
कार्य :
सिक्का ने न्यूट्रॉन विवर्तन एक्सारे क्रिस्टालोग्राफी और उच्चा दबाव शॉक वेव भौतिकी विषयों पर शोध कार्य किया है | सिक्का 2002 तक बीएआरसी मे सेवावृत्ता रहे है | वहाँ वे कई पदों पर कार्यरित थे जैसे वे वहाँ परमाणू और संघनित पदार्थ भौतिकी समूह के निदेशक थे | सिक्का सन 1969 मे भारतीय परमाणू हथीयार कार्यक्रम के लिए वैज्ञानिक कि टिम मे शामिल हुऐ थे | वह स्माइलिंग बुध्दा टीम के सदस्या रुप मे भी कार्यरीत थे |
18 मे 1974 मे उनके व्दारा पहिला भारतीय परमाणू बम का सफल परीक्षण हुआ था | सीक्का सन 1998 के पोखरण : 2 परीक्षण के थर्मोन्यूक्लियर डिवाइस डेवलपमेंट टीम के प्रमूख रहे है | सीका ने हीरे कि निहाई कोशिकाओं और बंदूको के साथ शॉक वेटस जेनेरशन को नियोजित करने वाली स्थिर दबाव उत्पादन क लिए सुविधाओं के साथ एक प्रयोगशाला स्थापित कि है |
सीक्का सन 2010 से 2013 तक भाभा परमाणू अनूसंधान केंद्र मे होमी भाभा प्रोफेसर चेयर भी थे | सन 1997 से 2000 तक उन्हेांने उच्चा दबाव के तहत अनुसंधान और प्रौघोगिकी कि उन्नाति के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ कि समिती के सदस्या के रुप मे सेवा कि है | इतना ही नही बल्की सिक्का ने 2002 से 2006 तक इंटरनेशनल युनियन ऑफ क्रिस्टलग्राफी के उच्चा दबाव पर आयोग के सलाहकार के रुप मे कार्य किया है |
उपलब्धि :
पूरस्कार और सम्मान :
1) सन 1999 मे सिक्का को भारत सरकार व्दारा पघश्री पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |
2) सन 1938 मे उनहें एच के फिरोदिया पूरस्कार प्राप्ता हुआ है |
3) सन 2001 मे उन्हें एमआरएसआय: आयएससीएस सुपरकंडक्टिविटी एंड मेटेरियक्सा साइंस एनुअल प्राइज के लिए चुना गया है |
4) सन 2002 मे उन्हें एप्लाइड फिजिक्सा मे उत्कृष्टता के लिए एमएमए चुगानी अवार्ड से सम्मानित किया गया है |
5) 2003 मे वे भारत सरकार के निर्वाचित फेलो रहे है |
6) 2005 मे उन्हे प्रयोगिक भौतिकी के लिए होमी जहाँगीर भाभा पदक से सम्मानित किया गया है |
7) 2007 मे सिक्का को होमी भाभा लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड दिया गया है |
8) 2010 मे उनहें नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस से मेघनाद साहा पदक दिया गया है |
9) 2011 मे सिक्का को परमाणू उर्जा विभाग व्दारा लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है |
पूस्तक/ग्रंथ :
1) सिक्का को शोधो को 150 से अधिक फेलो के माध्याम से प्रलेखित किया गया है | राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साथियो कि समीक्षा कि गई पत्रिकाओं मे प्रकाशित हुए है |
2) सन 2007 मे प्रकाशित : मास मेडीया एंड कम्नयूनिकेशन इन ट़वेन्टी फर्स्ट सेन्च्यूरी|