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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

परमशिवम नटराजन की जीवनी - Biography of Paramashivam Natarajan in hindi jivani

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नाम : परमशिवम नटराजन

जन्म दि. 17 सितंबर 1940

ठिकाण : तामिलनाडू, भारत

पत्नी : शिवबग्याम

व्यावसाय : फोटोकैमिस्टा


प्रारंभिक जीवनी :


        परमशिवम नटराजन एक भारतीय फोटोकेमिस्टा थै वह मद्रास विश्वाविघ्यालय के अल्ट्राफास्टा प्रोसेस के केंद्र मे आयएनएसए के वरिष्ठा वैज्ञानिक थे | इतना ही नही बल्की वह वैज्ञानिक परिषद के केंद्रीय नमक और समुद्री अनुसंधान सीएसअमसीआरआय के औघोगिक अनुसंधान के निदेशक थे |


        परमशिवम नटराजन 17 सितंबर 1940 मे भारत मे तामिलनाडू मे हुआ था | नटराजन का विवाह शिवबग्याम से हुआ था | नटराजन का विवाह शिवबग्याम से हुआ था उनहें दो बेटियां थी, शिव सुकनथी और शक्ति | नटराजन ने 1959 मे मद्रास विश्वाविघ्यालय से रसायन शास्त्र मे स्त्रातक कि उपाधि प्राप्ता कि थी |


        उनहेांने सन 1963 मे बनारस विश्श्वाविघ्यालयसे अपनी मास्टार डिग्री प्राप्ता कि थी | सन 1971 मे उनहेांने दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वाविघ्यालय से पीएचडी कि उपाधि प्रापता कि थी | नटराजन ने एंडिकॉट के मार्गदर्शन मे अपने डॉक्टरेट की पढाई पूरी कि थी | उनहोंने वेन स्टेट यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट कि शिक्षा प्राप्ता कि थी |


कार्य :


        नटराजन ने अपने करियर कि शुरुआती दिनों मे सन 1959 मे मद्रास विश्वाविघ्यालय से गवर्नमेंट आर्टस कॉलेज मे व्याख्याता के रुप मे कार्य किया था | जवाहरलाल इंस्टीटयूट ऑफ पोस्टग्रॅजूएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च जेआयपीएमईआर मे लेक्चरर के रुप मे काम किया था |


        नटराजन तिरुचिरापल्ली मे विश्वाविघ्यालय के पोस्टा ग्रेजयूएट सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर के रुप मे काम किया था| वह 1982 मे चेन्नाई मे विश्वाविघ्यालय मुख्यालय मे अकार्बनिक रसायन शास्त्र के विभाग के प्रमूख थै | उसके बाद वे सीएसअमसीआरआय के निदेशक के रुप मे कार्यरित रहे थे | उन्हेांने आयएनएन सीनियर साइंटिस्टा के पद पर भी कार्य किया था | नटराजन ने नेशनल सेंटर फॉर अल्ट्राफास्टा प्रोसेस विश्वाविघ्यालय और विशवाविध्यालय सिंडीकेट के सदस्या के रुप मे कार्य किया था |


        नटराजन ने नेशनल सेंटर फॉर अल्ल्ट्राफास्टा प्रोसेस विश्वाविघ्यालय और विश्वाविघ्यालय सिंडिकेट के सदसया के रुप मे कार्य किया था | नटराजन ने प्रतिदिप्ति का उपयोग करके बहूलक गतिकी, फलैश फोटोलिसिस अध्यायनों मे पिकोसेकंड और फेमटोसेकंड लेजर और सौर उर्जा रुपांतरण का उपयोग करना आदि, फोटोकैमिर्स्टी शोध कार्य किया था |


        नटराजन विज्ञान और प्रौघोगिकी विभाग और वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद मे शामिल रहे थे | वह इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री आययूपीएसी के एक चूने हुए साथी थे |


उपलब्धि :


पुरस्कार सम्मान : 


1) सन 1984 मे उनके योगदान के लिए उन्हे शाति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था |

2) नटराजन को तामिलनाडू सरकारव्दारा सर्वश्रेष्ठा शिक्षक पूरस्कार मिला था |

3) सन 1999 मे उन्हें इंडीयन केमिकल सोसाइटी व्दारा पीसीआरएवाय मेमेारियल अवार्ड से सम्मानित किया गया था |

4) सन 2006 से 2009 तक उन्हें राजा रमन्न्ना फैलो शिप प्राप्ता हुई थी |

5) नटराजन भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के चुने हुऐ साथी रहे है |


ग्रंथ/पुस्तक :


1) नटराजन ने अपने फोटोकैमिर्स्टी के अध्यायन को 107 लेखो के माध्याम से प्रकाशित किया है |

2) सन 2007 मे प्रकाशित संशोधित एमसीएम : 41 के चैनलों मे प्रवीणता के लिए नोवल उत्साहीत रयाज प्रोटॉन स्थानांतरण प्रतिक्रिया देखी गई |

3) सन 2006 मे प्रकाशित पॉली कि फोटोफिजिकल विशेषताओं पर स्टड प्रोटोपोरकिरिन आयएक्स और प्रोटोपॉफिरिन आयएक्सा के धातू परिसरों पर अध्यायन |

4) 2008 मे प्रकाशित जीनोलाइट संशेशित इलेक्ट्रिउ पर फेनोसाइफ्रेनिन के रेडॉक्सा गुण सतह संशोधन और समाधान पीएच का प्रभाव |

5) नटराजन का 18 मार्च 2016 को चेन्नाई मे निधन हुआ था |