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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

एन. वी. वी. जे. स्वामी की जीवनी - Biography of N. V. V. J. Swami in hindi jivani

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नाम : एन. वी. वी. जे. स्वामी

जन्म दि: 28 मार्च 1924

ठिकाण : आंध्रप्रदेश, भारत

व्यासाय : गणितज्ञ भौतिक विज्ञानी


प्रारंभिक जीवनी :


        एन. वी. वी. जे. स्वामी का पूरा नाम नयपथी वेंकट वैकूंठ जगन्नाथ स्वामी था एनवीवीजे एक गणितज्ञ और भौतिक विज्ञानी थे | एनवीवी जे का जन्म 28 मार्च 1924 को भारत के आंध्र प्रदेश राजया के विशखापट्रटनम मे हुआ था | एनवीवीजे स्वामी को अनके सापेक्षवादी हार्मोनिक थरथरानवाला प्रणाली के लिए जाना जाता है |


        एनवीवीजे स्वामी ने बॉम्बे विश्वाविदयालय से गणित मे बीएस कि डिग्री और उसी विश्वाविदयालय से भौतिकी मे बीएस तथा एम एस किया है | उन्होंने सन 1952 मे न्यूक्लीयर भौतिकी मे मास्टार कि उपाधि प्राप्ता कि थी | सन 1958 मे उन्होंने सैध्दांतिक परमाणू भौतिकी मे क्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी पोस्टा डॉक्टरेट के लिए युनिवर्सिटी मैरीलैंड और डयूक यूनिवर्सिटी मे काम किया था| 


कार्य :


        एन. वी. वी. जे. स्वामी विश्वाविदयालय मे पहले भारतीय अमेरिकि प्रोफेसर थे | उन्होंने भारत के कर्नाटक विश्वाविदयालय मे भौतिकी विज्ञान पढाया है | उन्होंने सन 1965 तक ओक्लाहोमा राजया मे पढाया था | उसके बाद वे तीन साल के लिए भारत लौट आए थे | सन 1968 मे एनवीवीजे स्वामी ओएसयु के भौतिकी के एसोसिएट प्रोफेसर भी रहे है |


        1977 मे एनवीवीजे स्वामी संयुक्त राजया अमेरिका के एक स्वाभाविक नागरीक हुए थे | उन्हें परमाणू, परमाणू और उच्चा ऊर्जा भौतिकी मे व्यापक अनुप्रयोग पाए गए थै | स्वामी के सापेक्षतावादि दोलक पर किए गए कुछ उध्दरण संदर्भो मे दिए गए है | इतिहास और सामान्याकृत कि सर्मीक्षा लिस्बोआ एट अल व्दारा सापेक्षवादी हार्मोनिक ऑसिलेटर का उपचार दिया जाता है | 


        उनहे गणितीय भौतिकी मे उनके समूह के सैध्दांतीक योगदान के लिए भी जाना जाता है | एनवीवीजे स्वामी ने एक सममित हैमिल्टन को पेश किया है | उन्होंने हाइड्रोजन परमाणू के लिए डीरेक समीकरणको हल किया है | सन 1987 मे स्वामी ओकलाहोमा राजया से सेवानिवृत्ता हुऐ थै | उसके बाद उन्होने भारत के विभिन्ना शैक्षणिक संस्थानो मे पढाया था |


        इतना ही नही बल्की उन्होंने भारत मे शैक्षिक संस्थानो को सवैच्छिक सेवाएं प्रदान कि थी | उन्होंने भारत के विज्ञान और प्रौघोगिकि चारोटार विश्वाविदयालय केरल विश्वाविदयालय, पांडेचेरी विश्वाविदयालय, बैंगलोर विश्वाविघालय , मंगलौर विश्वाविदयालय आदी मे पढाया है | वे शांति निकेतन मे विश्वाभारती मे शामिल भी थे |


उपलब्धि :


सम्मान/पूरस्कार :


1) प्रोफेसर एन. वी. वी. जे. स्वामी ओक्लाहोमा स्टेट युनिवर्सिटी मे प्रोफेसर एमेरिटस थे | 

2) एनवीवीजे स्वामी जूलिच ब्रिटेन मे जर्मनी और केम्ब्रिज विश्वाविदयालय मे अतिथि वैज्ञानिक रहे है |


पूस्तक/ग्रंथ :


1) एन. वी. वी. जे. कि पूस्ताक थेअरी मेड मेड ईजी फॉर साइंटिस्टा एंड इंजीनियर्स सन 1979 मे प्रकाशित हुई थी |


        स्वामी एन. वी. वी. जे. का 13 जुन 1913 को निधन हुआ था |