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नाम :मुरली शास्त्री
जन्म : 10 जून 1959
ठिकाण : तामिलनाडू, भारत
व्यावसाय : रसायनज्ञ, आयटिटीबी मोनाश रिसर्च अकादमी के मुख्या कार्यकारी अधिकारी
प्रारंभिक जीवनी :
मुरली शास्त्री एक भारतीय सामग्री रसायनज्ञ वैज्ञानिक है | ITTB मोनाश, अनुसंधान अकादमी के मुख्या कार्यकारी अधिकारी भी है | मुरली शास्त्री का जन्म 10 जून 1959 केा भारत के तामिलनाडू शहर मे हुआ था | डॉ.मुरली शास्त्री वर्तमान मे टाटा केमिकल लिमिटेड मुंबई के मुख्या वैज्ञानिक है |
डॉ. मुरली शास्त्री ने एमएससी और पीएचडी क्रमश: 1982 और 1987 मे आईआईटी मद्रास विश्वाविदयालय से भौतिकी मे उपाधि प्राप्ता कि है | इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्सा सन 1988 से 1989 मे और एलेक्ट्रा सिनक्रोट्रोन ट्रीएस्टे सन 1989 से 1991 मे उन्हेांने अपनी पोस्टा डॉक्टरेट कि पढाई कि है |
कार्य :
डॉ. मुरली ने पहले राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, पुणे मे एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के रुप मे कार्य किया है | 2005 मे उन्होंने टाटा केमिकल्सा मे चीफ इनोवेशन ऑफीसर के रुप मे लगभग 6 साल तक सेवा कि है | डॅा.मुरली ने भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान, कानपूर मे एक INAE और CV SEshder मं अध्याक्ष और प्रौफेसर के रुप मे भी कार्य किया है | डॅा. मुरली केंद्रीय विश्वाविदयालय हैद्राबाद मे DAE प्रोफेसर थे सन 1998 से 1999 मे पे मैरीलैंड विश्वाविदयालय मे एक विजिटिंग फैकल्टी और फ्रांस के सीएनआरएस ऑर्से मे सन 2001 से 2003 तक विजिटिंग साइंटिस्टा भी रहे है |
टाटा केमिकल्सा के मुख्या वैज्ञानिक अधिकारी के रुप मे उन्हेांने एक काम लागत वाले जल शोधक स्वैच् को पेश किया है | जो कि, फिल्टर एजेंट के रुप मे नैनो सिल्वार का उपयोग करता था | उन्होंने नैनो तकनीक पर आधारित कई परीयोजनाओं पर काम करनेवाला नवाचार केंद्र कि स्थापना कि है | डॉ.मुरली शास्त्री एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्याता प्रापता नैनो टिक्नोलॉजिस्टा है | जिनकी नैनो टेक्नोलॉजी के विभिन्ना हिलुओं मे समृध्दा प्रृष्ठाभुमि है |
जैविक के साथ उन्होंने जो नैनोमेटैरियल के इंटरफेस पर काम किया है | उसे उत्कृष्ठा माना जाता है | डॉ. मुरली ने नैनोमेट्रीज सिंथेसिस और असेंब्ली के लिए नई रणनीतियों के विकास के साथसाथ जैव खनिज के लिए नए दृष्टीकोण ने आंतर्राष्ट्रीय प्रशंसा हासिल कि है |
उपलब्धि :
पुरस्कार और सम्मान :
1) डॉ.मुरली शास्त्री को सन 1993 मे सीएसआई आर यंग साइंटिस्टा अवार्ड मिला है |
2) 2002 मे उन्हें केमिकल रिसर्च सेासायटी ऑफ इंडिया के कांस्या पदक से सम्मनित किया गया है
3) 2002 मे उन्हें इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज व्दारा एक साथी के रुप मे चुना गया था |
4) सन 2002 को ही उन्हे सर्वेाच भारतीय विज्ञान पुरस्कार शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था |
5) सन 2003 को उन्हें द मैटिरियल्सा रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडिया व्दारा मेडल प्राप्ता हुआ |
6) 2006 मे भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान, मद्रास व्दारा उन्हें एक विशिषट पूर्व छात्र पुरस्कार प्राप्ता हुआ था |