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नाम : मेघनाद साहा
जन्म : 6 अक्टूबर 1893
ठिकाण : ढाका, बांग्लादेश
पिता : जगन्नाथ साहा
व्यावसाय : खगोल भौतिकीविदू प्रोफेसर
प्रारंभिक जीवन :
मेघनाद साहा एक भारतीय खगोल भौतिकीविदू थे | जिन्होने सहा आयनिकरण समीरकण के अपने विकास के लिए वैश्विक प्रमूखता प्राप्ता की है | जिसका उपयोग सितारों मे रासायनिक और भौतिक स्थितियों का वर्णन करने के लिए किया गया था |
मेधनाद साहा का जन्म 06 आक्टूबर 1893 मे बांग्लादेश के ढाका के पास शोरोराटोली गांव मे हुआ था | उनके पिता का नाम जगन्नाथ साहा था | वह एक गरीब परिवार से थे |
उन्होंने स्वदेशी आंदोलन मे भाग लेने के कारण उन्हे ढाका कॉलेजिएट स्कुल छोडना पडा था | फीर उन्होंने अपनी स्कुली शिक्षा ढाका कॉलेज से प्राप्ता की सन 1911 मे, उन्होंने ढाका कॉलेज से भौतिकी और गणित मे रैंक एक और इंटरमीडिएट विज्ञान की परीक्षा मे तीसरा स्थान प्राप्ता किया था | उन्होंने कलकत्ता प्रेसीडेंसी कॉलेज से 1913 मे बीएससी और 1915 मे एमएससी की डिग्री प्राप्ता कि थी |
कार्य :
सन 1916 मे कलकत्ता के युनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस मे उन्होंने अनुप्रयूक्ता गणित विभाग मे व्याख्याता के रुप मे कार्य किया है | साहा ने सौर किरणों के वजन और दबाव को मापने के लिए एक उपकरण का अविष्कार करणे का कार्य किया है | उन्हेांने कई वैज्ञानिक संस्थानों का निर्माण करणे मे मदत की है | जैसे की इलाहाबद विश्वाविध्यालय मे भौतिकी विभाग और कलकत्ता मे परमाणू भौतिकी संस्थान आदि | उन्होंने विज्ञान और संस्कूतिपत्रिका की स्थापना कि है | उसके संपादक के रुप मे वे अपनी मृत्यू तक वहाँ कार्यरित रहे थे |
सन 1930 राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी जैसी कई वैज्ञानिक समाजों को संगठित करने का कार्य भी वो करते थे | सन 1953 – 1956 के दौरान इंडियन एसोसिएशन ऑफ द कल्टिवेशन ऑफ साइंस के निदेशक के रुप मे भी वो काम करने थे | मेघनाद के काम ने खागेलविदों को तारों के वर्णक्रमीय वर्गो को उनके वास्ताविक तापमान से स्टीक रुप से संबंधित करने की अनुमति दी |
साहा एक समर्पित मानवतावादी थे | जो नए स्वातंत्र भारत के लोगो के लिए खुद को समर्पित करने के लिए राजनितिक रुप से सक्रिय रहते थे | साहा 1938 मे कलकत्ता विश्वाविध्यालय मे भौतिकी विज्ञान के प्रोफेसर के रुप कार्यरित थे , उस दौरान उन्होंने एमएससी भौतिकी पाठयाक्रम मे परमाणू भौतिकी शुरु करने जैसी कई पहल की है |
पूरस्कार / सम्मान :
1) साह को अपनी थिसिस के लिए कलकत्ता विश्वाविघ्यालय का ग्रिफिथ पूरस्कार प्राप्ता हुआ है |
2) सन 1925 मे उन्हें भारतीय विज्ञान कॉग्रेस एसोसिएशन के भौतिकी अनुभाग का अध्याक्ष बनाया गया था |
3) साहा को 1930 मे देवेंद्रा मोहन बोस और सिसिर कुमार मित्रा ने भौतिकी के नोबेल पूरस्कार के लिए नामांकित किया था |
4) मेघनाद सहा 1952 मे भारत की संसद के लिए चुने गए थे |
पूस्तक/ग्रंथ :
1) कलेक्टेड वर्क ऑफ मेघनाद साहा यह पुस्तक मेघनाथ व्दारा लिखीत है
2) मेघानादा रतन सॅ सकलाना यह पुस्तक भी प्रकाशित किया है |
16 फरवरी 1956 को नई दिल्ली मे उनका निधन हुआ था |