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नाम : मास सुब्रमण्यान
जन्म : 28 फरवरी 1954
ठिकाण : मद्रास, भारत
व्यावसाय : रसायनज्ञ
प्रारंभिक जीवन :
मुनिरपल्लाम अप्पोराई मास सुब्रमण्यान को एम ए सुब्रमण्यान के नाम से भ जाना जाता है | वह ओरेगॉन स्टेट युनिवर्सिटी के कौरवैलिस, ओरेगन मे एक ठोस रा्जया रसायनतज्ञ है | सुब्रमण्यान का जन्म 28 फरवरी 1957 को भारत के चेन्नाई मद्रास शहर मे हुआ था | सुब्रमण्यान ने 1975 मे मद्रास विश्वाविध्यालय से रसायन विज्ञान मे बी एस किया है |
सन 1977 मे उन्होंने अकार्बनिक रसायन विज्ञान मे मद्रास विश्वाविघ्यालय से ही एमएस की डिग्री प्राप्ता कि है | उन्होंने 1982 मे मास ने पायरोक्नोर ऑकसाइड पर ठोस राजया रसायन विज्ञान मे पीएचडी पूरी की है | पीएचडी के समय उन्हे भारत के दिवंगत प्रोफेसर जी बी सुब्बा राव का मार्गदर्शन मीला था |
उनकी थीसिस का परिचय एक PUROCHDORE समीक्षा है | उसे आज तक उनका सबसे उदृधृत कार्य माना जाता है | सन 1982 से 1984 मे मास ने टैक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी , कॉलेज स्टैशन टैक्सास से पोस्टा डॉक्टरल की उपाधि प्रापता कि है | पोस्ट डॉक्टरल लिए उनहें अब्राहम क्लीयरफिल्डा का मार्गदर्शन मिला |
कार्य :
सन 1984 मे मास डेलावेयर के विलमिंगटन मे अडयूपॉन्ट प्रायोगिक स्टेशन मे सेंट्रल आरएंडडी विभाग मे शामिल हो गए | वहाँ उन्होंने डयूपॉन्ट रिसर्च फेलो के रुप मे कार्य किया है | इतना ही नही बल्की उन्होंने चीनी मिटटी की चीजे, सुपरकंडक्टर्स, डाइलेक्ट्रिक्सा, कैटलिसिस, थर्माइलेक्ट्रिक्सा मल्टीफायरिक्सा, आयनिक कंडक्टर और ऑरगॉनिक सिंथेसिस के क्षेत्र मे कई योगदान दिए है |
फलोरोआरमिटिक संश्लेषण पर उन्होंने जो कार्य किया है उसे सबसे उल्लेखनीय उपलब्धीयों मे से से एक माना जाता है | 2006 मे सुब्रमण्यान ने ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी मे मेटल्सा हैरिस चेयर प्रोफेसर ऑफ मैटेरियल्सा साइंस के रुप मे कार्य किया है |जहॉ उन्होंने ऊर्जा, पर्यावरण और इलेक्ट्रॉनिक्सा मे उभरते अनुप्रयोगों के लिए उपन्यास कार्यात्माक सामिग्रीयों के डिझााइन और संश्लेषण के लिए उनके शोध समर्पित किए गए है 2009 मे, उनकी टीम ने एक उपन्यास टिकाऊ ब्लू पिंगमेंट INMNBLUE की खेाज की है |
सुब्रमण्याम ने दुनिया भर मे कई सार्वजनिक व्याख्यान देणे का कार्य भी कीया है | YEDM ब्लू,TEDXSALEM और TEDXUNC सहित | उनहोंने नइकों, क्रायोला और हार्वर्ड आर्टम्यूजियम निगमों और संग्रालयों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है | मास ने जर्नल आफ मैटिरियल्सा केमिस्ट्री सन 1995 से 2001 सदस्या के रुप मे कार्य किया है |
इतना ही नही बल्की उन्हेांने 2000 से 2006 तक केमिस्ट्री ऑफ मैटिरियल्सा, मैटेरियल्सा रिसर्च बुलेटिन के लिए सन 2006 मे और सन 2009 मे जर्नल ऑफ सॉलिड स्टेट केमिस्ट्री के लिए संपादकिय बोर्ड के सदस्या के रुप मे भी काम किया है | वर्तमान मास दो आंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक पत्रिकाओं, सॉलिड स्टेट साइंसेज और सॉलिड स्टेट केमिस्ट्री मे प्रगति के लिए संपादक के रुप मे कार्यरित है |
उपलब्धि :
पूरस्कार / सम्मान :
1) ऑरगन स्टैट युनिवर्सिटीव्दारा उन्हे 2019 मे प्रतिष्ठित प्रोफेसर पूरस्कार से सम्मानित किया गया |
2) सोसाइटी ऑफ डयूरर्स एंड कॉलरिस्टसव्दारा उन्हे सन 2019 मे पार्किन मेडल दिया गया |
3) AAAS अमेरिकन एसोसिएश्ंन फॉर द एडवॉसमेंट ऑफ साइंस व्दारा उन्हें 2018 के फेलो चुना गया है |
4) मद्रास विश्वाविघ्यालय से उन्हे 2018 मे प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पूरस्कार मिला है |
5) सन 2013 मे मास को OSU यानि एफ ए गिलफिशन मेमोरियल अवार्ड प्राप्ता हुआ |
6) सन 2012 को उन्हे एनएसफ क्रिएटिविटी आवार्ड मिला |
7) ठोस राजया रसायन विज्ञान मे 2010 को वे गॉर्डन रिसर्च कॉन्फ्रेस के अध्याक्ष रहे है |
8) सन 2007 को उन्हे शल्फ कुरच मेहेरियल साइंस अवार्ड मिला |
9) 2004 मे उन्हे एक्सालेंस इन साइंटिफिक एंड टेक्निकल अचीवमेंट के लिए डयूपॉन्ट चालर्स पेडर्सन मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया |
पूस्तक/ग्रंथ :
1) 20 जून 2019 को एम ए सुब्रमण्यामलिखित पुस्तक डेव्हालोपमेंन्टल बायालॉजी प्रकाशित हुआ था|
2) टॉक्साकोलॉजी प्रीसीपलस ॲड मेथड यह उनका पुस्तक 2004 मे प्रकाशित हुआ |
3) बायोफिजीक्सा प्रिन्सीपल्सा एंड टेक्नीक्सा यह पुस्तक सुब्रमण्याम व्दारा 2005 को प्रसिध्दा हुआ