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वैज्ञानिक

मैरी पुथिसेरिल वर्गीज की जीवनी - Biography of Marie Puthiseril Varghese in hindi jivani

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नाम : मैरी पुथिसेरिल वर्गीज

जन्म : 21 मई 1925

ठिकाण : कोचीन, केरल

व्यवसाय : चिकीत्साक 


प्रारंभिक जीवन :


        मैरी पुथिसेरिल वर्गीस एक भौतिक चिकित्साक थी | मैरी वर्गीज का जन्म 21 मई 1925 को भारत के कोचीन शहर के चरई गांव मे हुआ था | उनके पिता स्थानीय चर्च और समुदाय मे एक सम्मानित नेता थे | मैरी पुथीसेरिल वर्गीज की स्कूली शिक्षा चराई मे युनियन हाई स्कूल से हुई महाराजा कॉलेज, एर्नाकुलम मे मैरी ने कॉलेज की शिक्षा पुरी कि थी | उन्होंने सन 1946 और 1952 के बीच क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर से चिकित्सा मे स्त्रातक की उपाधि प्राप्ता की है | 


कार्य :


        मैरी ने स्त्री रोग विभाग से चिकित्साक के रुप मे कई क्लीनिको मे कार्य किया है | और उसके माध्याम से उन्होंने विश्वास और चिकित्सा की नीव रखी | क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लेार मे मैरी ने भौतिक चिकित्सा और पूनर्वास विभाग का प्रमूख के रुप मे कार्य किया था | उन्होंने उस समय पुनर्वास का कार्य शुरु किया था | मैरी ने सन 1966 मे और देश मे पहली पूरी तरह कार्यात्मक शारीरिक पुनर्वास इकाई का नेतृत्वा किया |


        मैरी मुख्या रुप से पूनर्वास सेवाओं को प्रदान करने मे शामिल थी | वह रीढ की हडड्री की चोट, कुष्ठरोग और मस्तिष्क की चोटवाले व्याक्तीयों के लिए सन 1976 तक क्रिश्चीयन मेडीकल कॉलेज मे काम करती रही |


        1966 मे देश के पहले इन पेशेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीटयूट की स्थापना के साथ विभाग की सेवाओं के विस्तार मे उनकी महत्वापूर्ण भूमिका थी | वर्गीज व्दारा 1986 मे ट्रस्टा की स्थापना की गई थी जीसके व्दारा अभी भी शारीरीक विकलांग व्याक्तियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना जारी रखा है |


पूरस्कार /सम्मान :


1) सन 2012 मे मैरी वर्गीज ट्रस्ट व्दारा उनकी स्मृति मे एक पूरस्कार की स्थापना की गई है |

2) चिकित्सा के क्षेत्र मे उनके योगदान को देखते हुए, उन्हें 1972 मे भारत सरकारव्दारा पघश्री से सम्मानित किया गया था |


पूस्तक/ग्रंथ :


1) सन 1992 मे फॅन्सी एग्जा यह पूस्ताक मेरी वर्गीज अलीसन लीच, नीकोलस व्दारा लिखित है |

2) वर्गीज की मृत्यू 17 दिसंबर 1986 मे वेल्लेार मे हुई थी |