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वैज्ञानिक

मंबालिकाथल सारदा मेनन की जीवनी - Biography of Mambalikathal Sarada Menon in hindi jivani

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नाम : मंबालिकाथल सारदा मेनन

जन्म : 5 अप्रैल 1923

ठिकाण : मैंगलोर, कर्नाटक

व्यवसाय : मनोचिकित्साक समाज सेवक 


प्रारंभिक जीवन :


        एम शारदा मेनन का पुरा नाम मंबालिकथिल सारदा मेनन है | एम शारदा मेनन एक भारतीय मनोचिकित्सक, समाजिक कार्यकर्ता और एससीए आरएफ यानी परीजोफ्रेनिया रिसर्च फाउंडेश्ंन की संस्थापक है | शारदा मेनन का जन्म 05 अप्रैल 1923 को कर्नाटक राजया के मैंगलोर शहर मे हुआ था |


        वे एक मलयाली परिवार से है | उनके पिता एक न्यायधीश थे मेनन की शुरवाती शिक्षा गुड शेकर्ड स्कूल मे हुई | क्राइस्टा चर्च ऐंग्लो इंडियन हायर सेंकडरी स्कूल मे उन्होंने आगे की शिक्षा ली और फिर उन्होंने महिला किस्पियन संस्त्रातक की उपाधि प्राप्ता कि | सन 1951 मे वे मद्रास मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा मे स्त्रातक हुई |


        सन 1957 मे एन शासदा मेनन को एमडी की स्त्रातकोत्तार उपाधि मिली | उसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ मेंटल हेल्थ मे दो साल बा डिप्लोमा इन साइक्रियाट्रीक मेडिसिन मनोरोग मे न्यूरोसाइंसेस NIMHANS पूरा किया | इस तर शारदा मेनन भारत मे पहली महिला मनोचिकित्साक बन गई |


कार्य :


        सन 1959 मे किलपूक मे डॉ. मेनन इंस्टीटयूट ऑफ मेंटल हेलथ गई थी और सन 1978 मे संस्थामे वे सुपरनैचूरल हो गई | सन 1961 मे मेनन पहिली महिला अधिक्षक बनी थी | उनके कार्यकाल के दौरान ही मनोरुग्न के लिए मनोचिकित्साक विभाग शुरु किया और राजया के सभी जिला अस्पतालों मे क्षेत्रीय मनोरोग केंद्र स्थापित किए थे |


        मानिसीक बिमार के पूनर्वास मे सामाजिक संगठनों की भागीदारी शुरु करने के लिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वापूर्ण मानी जाती है |आशा नामक सामूदाय आधारित संगठन उनकी पहल पर ही शुरु किया गया था | उन्होने अपने कार्य से, और सामाजिक मोर्चा व्दारा वाईएमसीए के स्थानीय अध्याक्षा को प्रभावीत किया और फीर तिरुवेरकाडू महाबलीपूरम और अन्ना नगर मे मानसिक बीमार लोगो के लिए तीन केंद्र खोले|


        सन 1984 मे उन्हेाने सिनोफ्रेनिया और अन्या मानसिक रोंगो से पिडीत लोंगो के पूनर्वास के लिए और लाभकार गैर सरकारी संगठन, जिसेक्रेनिया रिसर्च फाउंडेशन SCARF की स्थापना की | SCARF को विश्वा स्वास्था संगठन VVHO व्दारा मानसिक स्वास्था अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सहयोग विभाग केंद्र के रुप मे मान्याता प्राप्ता कुछ भारतीय संस्थावो मे से एक है |


उपलब्धि :


        मेनन को मद्रास की एक पूर्व चिकत्सिा सेवा अधिकारी और भारत की पहली महिला मनोचिकीत्साक है |


पूरस्कार /सम्मान :


1) सन 1992 को मेनन को उनके सामाजिक योगदान के लिए भारत सरकार व्दारा पघभूषण के तीसरे सर्वोच्चा नागरिक सम्मान से सम्मानित किया |

2) मेनन तामिलनाडू सरकार की और से सर्वश्रेष्ठ चिकित्साक पूरस्कार प्राप्ता कर चूकी है |

3) भारत सरकार से उन्हे सर्वश्रेष्ठा कर्मचारी पूरस्कार विशेष पूरस्कार भी प्राप्ता हुआ है |

4) चेन्नाई की और से इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ सोशल सायको विहैबिलिटेशन स्पेशल अवार्ड उनहे दीया गया है |