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नाम : मदाबुसी संतनम रघूनाथन
जन्म : 11 अगस्त 1941
ठिकाण : अनंतपूर, आंध्रप्रदेश
पिता : संतानम
व्यववसाय : गणितज्ञ लेखक
प्रारंभिक जीवन :
एम एस रघूनाथन का पूरा नाम मदाबुसी संतनम रघूनाथन है | उनका जन्म 11 अगस्त 1941 को आंध्रप्रदेश के अनंतपूर जिले मे हुआ | रघूनाथन एक भारतीय गणितज्ञ है | उनका परिवार चेन्नाई मे रहता था उनके पिता संतानम लकडी का व्यावसाय करते थे | संतानम ने अपने लकडी के व्यावसाय का विस्तार यूरोप और जपान तक किया था | लेकिन पारिवारीक व्यवसाय के देखभाल के लिए संतानम अपनी पढाई पूरी ना कर सके | वही उनकी माता एक अकादमिक परंपरावाले पविार से आई थी | एम.एस रघूनाथन के विनय वी देवधर और गोपाल प्रसाद यह डॉक्टरल छात्रा है |
रघूनाथन ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नाई के मायलापूर मे पीएस हाई स्कूल, और मद्रास के क्रिश्चियन कॉलेज हाई स्कूल मे की है | 1955 मे उन्होने SSLC की परीक्षा उत्तीर्ण की थी | सन 1955 से 1957 के दौरान सेंट जोसेफ कॉलेज बैंगलोर से भी उन्होंने शिक्षाली है | उसके बाद वे चेन्नाई लोट और विवेकानंद कॉलेजगणित मे बी ए ऑनर्स मे प्रवेश किया |
1960:62 मे उन्हें एमएस नरसिम्हान का प्रशिक्षण के लिए मार्गदर्शन मिला था | उन्होंने प्रेाफेसर नरसिम्हन के मार्गदर्शन मे आपनी पीएचडी थीसिस लिखी | इसके बाद उन्हें बॉम्बे विश्वाविघ्यालय व्दारा उपाधि से सम्मानित किया गया | पीएचडी पूरी करने के बाद वे एक वर्ष के लिए इंस्टीटयूट फॉर एडवांस्डा स्टडी प्रिसंटन मे गऐ | उसके बाद उन्होंने अमेरिका यूरोप और जपान मे शैक्षणिक संस्थानों मे दौरा किया |
कार्य :
लाई समूहों के असतत उपसमूह उनके शोध की केंद्रीय वस्तु रहे है | उन्होंने कठोरता और अंकगणित समस्याओं मे अपना महत्वापूर्ण योगदान दीया है | रघूनाथन ने सलाहाकार और प्रशासकिय क्षमता दोनों मे विभिन्ना वैज्ञानिक निकायों के माध्याम से गणित के प्रचार मे महत्वापूर्ण भूमिका निभाई है | उच्चातर गणित के लिए राष्ट्रीय बोर्ड 1987 से 2006 के अध्याक्ष के रुप मे कार्य किया |
उन्होंने गणित के विकास के लिए कई कार्यक्रमो और परियोजनाओं की शुरुवात की | वह आंतरराष्ट्रीय गणितिय संघ सन 1998 से 2006 तक की कार्यकारी समिती के सदस्या रहे | हरिचंद्र रिसर्च इंस्टीटयूट, इलाहाबाद के गवर्निग काऊसिल के अध्याक्ष के रुप मे उन्होंने इसके विकास मे महत्वापूर्ण भूमिका निभाई है |
उपलब्धि :
पूरस्कार / सम्मान :
1) प्रोफेसर रघूनाथन को गणित के लिए एम एस भटनागर पूरस्कार सन 1977 को प्राप्ता हुआ |
2) सन 1991 कों उन्हें रामानुसजन पदक मिला था |
3) INSA के आर्यभटट पदक सन 2006 को उन्हें सम्मानित किया गया
4) सन 1993 से 1996 को एसएन बोस प्रोफेसरशिप भी मीली
5) सन 2001 पघश्री भी प्राप्ता हुआ है
6) सन 2012 को राष्ट्रपति व्दारा पघभूषण से भी उन्हें सम्मानित किया गया है
7) रघूनाथन को एकेडमी ऑफ साइंसेज फॉर द डेवलपिंग वर्ल्ड 1994 और रॉयल सोसाइटी 2000 का फेलो भी चूना गया है |
पूस्तक :
1972 मे जर्मनी के स्प्रिंगर र्क्लागव्दारा प्रकाशित रघूनाथन की पूस्ता क डिसक्रीट सबग्रूप्सा ऑफ लाई ग्रूप्सा अब इस क्षेत्र मे क्लासिक मानी जातीहै