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नाम : दिनकर मशू सालुंके
जन्म तिथी : 1 जुलाई 1955 आयू 64 वर्षे
ठिकाण : बेलगाम, कर्नाटक
व्यावसाय : जीवविज्ञानी
प्रारंभिक जीवनी :
दिनकर का जन्म 1 जुलाई 1955 को कर्नाटक के बेलगाम मे हुआ था | उन्हेांने बीएससी भौतिकी, गणित और सांख्यिकि मे 1976 मे स्त्रातक किया था | और 1978 मे एमएससी भौतिकी मे कर्नाटक विश्वाविघ्यालय धारवाड से पढाई पूरी कि थी | उन्होंने पीएचडी कि डिग्री भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से हासिल कि थी |
उन्होंने ब्रैडिंस यूनिवर्सिटी वाल्याम मैसाचूसेटस, संयुक्त राजया अमेरिका मे अपना पोस्टडॉक्टरल शोध किया था | सालुंके ने माधूरी से शादी कि है | औरं दंपती कि एक बेटी है | वे दिल्ली मे रहते है |
कार्य :
दिनकर सालुंके एक प्रतिरक्षा विज्ञानी और संरचनात्माक जीवविज्ञानी है | वर्तमान वे जेनेटिक इंजीनियरिंग और जैव प्रौघोगिकी आयसीजीईबी नई दिल्ली के लिए अंतराष्ट्रीय केंद्र के निदेशक है | इससे पहले वेह फरीदाबाद मे जैव प्रौघोगिकी विभाग भारत और यूनेस्को व्दारा संयुक्ता रुपसे स्थापित एक संस्था बायोटेक्नोलॉजी आरसीबी के नव स्थापित क्षेत्रीय केंद्र के कार्यकारी निदेशक थे |
सालुंके ने वर्षे 1988 मे नेशनल इंस्टीटयूटऑफ इम्यूनो लॉजी एनआईआई दिल्ली मे स्टाफ वैज्ञानिक के रुप मे कार्य किया था | 2015 तक एनआईआई दिल्ली मे काम किया था | डॉ सालुंके 2015 से इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटैक्नोलॉजी के निदेशक के रुप मे आपना पोषण कर रहे है |
पहले उन्हेांने जैव प्रौघोगिकी के लिए नव स्थापित क्षैत्रीय केंद्र का नेतूत्वा किया था | वह शिक्षा, प्रशिक्षण और अनूसंधान के एक संस्थान के रुप मे इसके पहले कार्यकारी निदेशक 2010: 2015 तक रहे है | उन्हेांने ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीटयूट टीएचएसटीआय दिल्ली के कार्यकारी निदेशक के रुप मे भी कार्य किया है |
तीन दशकों से अधिक समय तक, उन्होंने प्रतिरक्षा विज्ञान के क्षैत्र मे बडे पैमाने पर काम किया है | जिसमे प्रतिरक्षा पहचान, आणविक नकल और एलर्जी के संरचनात्माक जीव विज्ञान शामिल है
पुरस्कार और सम्मान :
1) उन्हें 2000 मे विज्ञान और प्रौघोगिकी के लिए शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |
2) वह भारत के 3 प्रमूख विज्ञान अकादमियों के साथी है | 1) भारतीय विज्ञान अकादमी आयएएस बैंगलोर 2) भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी आयएनसीएस दिल्ली 3) नेशनल अकेडमी ऑफ साइंसेज भारत आयएएसआय इलाहाबाद उन्हें हाल हि मे द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज टीडब्लूएएस का फेलो भी चूना गया था |
3) वह काउंसिल ऑफ साइंटिफीक एंड उंडस्ट्रीयल रिसर्च इंडीया 2011 से जीएन रामचंद्रन गोल्ड मेडल फॉर एक्सीलैस इन बायोलॉजिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी शामिल है |