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नाम : चंचलकुमार मजुमदार
जन्म तिथी :11 अगस्ता 1938
ठिकाण : कृष्णानगर, बंगाल, ब्रिटीश भारत
व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी
मर गए : 20 जून 2000 आयू 61 वर्षे
प्रारंभिक जीवनी :
सी के मजुमदार का जन्म 11 अगस्ता 1938 को ब्रिटीश भारत के बंगाल के कृष्णनगर मे सीता और और राजनिति विज्ञान कि प्रोफेसर निर्मल क्रांतीमजूमदार के रुप मे हुआ था | जो उनके तीन बेटों मे से एक थे | उनहेांने और उनके भाइयो उ्जवल और मुकूल ने अपनी पढाई अच्छी कि थी | उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कृष्णनगर के सीएमएस सेंट जॉन हाई स्कूल मे कि थी | और अपनी प्रारंभिक शिक्षा कलकत्ता मे प्रेसीडेंसी कॉलेज और कलकत्ता विश्वाविदयालय मे पूरी कि थी |
1960:61 के दौरान साहा इंस्टीटयूट ऑफ न्यूक्लियर फिजीक्सा मे स्त्रातकोत्तर अनुसंधान करने के बाद उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वाविदयालय, सैन डिएगो मे दाखिला लिया था | नियमित सेवा से सेवानिवृत्ता होने के बाद, मजुमदार ने भारतीय सांख्यिकि संस्थान मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के वरिष्ठ वैज्ञानिक के रुप मे कार्य किया था |
लेकिन उनका कार्यक्रम अल्पकालिक था | उनहेांने 20 जून 2000 को कोलकत्ता मे 61 साल कि उम्र मे दिल का दौर पडने से दम छोड दिया उनकि पत्नी उत्पल घोष जो 1996 मे अमेरिका से लौटने के तुरुंत बाद उनहोंने शादी कर ली थी | और उनके दो बच्चे थे | रुपक और रुचिरा उनके नाम है |
कार्य :
सीके मजुमदार एक भारतीय संघनित भौतिक विज्ञान और बुनियादी विज्ञान के लिए एसएन बोस नेशनल सेंटर के संस्थापक निदेशक थे | क्वांटम यांत्रिकि मे अपने शोध के लिए जाना जाने वाला मजूमदार तीनो प्रमूख भारतीय विज्ञान अकादमियों का एक निर्वाचित साथी था | उनहेांने कार्नेगी मे अपना पेास्टा डॉक्टोरल काम किया था |
1966 मे भारत लौटने पर मुलमदार टाटा इंस्टीटयूअ ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मे एक एसोसिएट प्रोफेसर के रुप मे शामिल हो गए थे | 1969:70 मे सैम एडवर्डस के साथ काम कररहे थे | मजूमदार ने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड एग्रीकल्चर मे भौतिकी के पालिट प्रोफेसर कल्टिवेशन ऑफ साइंस बुनियादी विभाग के प्रमूख के रुप मे कार्य किया था | गणित मे इसके पहले निदेशक के रुप मे नियुक्त किया गया था |
शैक्षणिक मोर्चे पर, कलकत्ता विश्वाविदयलय मे भौतिकी प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने मे मजुमदार का योगदान रहा है | वह कई राष्ट्रीय और आंतराष्ट्रीय एर्जेसियों से जुडा था | वह युनेस्केा के साथ सहयोग के लिए भारतीय राष्ट्रीय आयोग के सदस्या थे | उन्हेांने विज्ञान और प्रौघोगिकि विभाग के भौतिकी और वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद के सलाहकार समितीयों के सदस्या के रुप मे कार्य किया था |
वह इंडियन जर्नल ऑफ फिजीक्सा के संपादक थै | और प्रमानापत्रिका के संपादकिय बोर्ड के सदस्या थे | वह 1998 मे कोलकत्ता मे आयेाजित यूनिवर्स मे ब्लेंक होल्सा के लिए अवलोकन संबंधी साक्ष्य के सम्मेलन मे अपनी सलाहकार समिती के सदस्या के रुप मे जुडे थै | वे इंडियन फिजिकल सोसाइटी और इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्सा के अध्याक्ष थे | वह रमन सेंटर फॉर एल्पाइड एंड के कार्यकारी परिषद सदस्या के रुप मे कार्य किया था |
पुरस्कार और सम्मान :
1) 1976 मे सर्वोच्चा भारतीय विज्ञान पूरस्कारों मे से एक मजुमदार को शांतिस्वरुप भटनागर पूरस्कार : से सम्मानित किया था |
2) 1976 मे उन्हें भारतीय विज्ञान अकादमी का फेलो चुना गया था |
3) 1978 मे उनहें एशियाटिक सोसाइटी का एमएन साहा पदक प्राप्त किया था | उसी वषै विश्वाविदयालय अनुदान आयोग यूजीसी व्दारा उन्हें राष्ट्रीय व्याख्याता के रुप मे चुना गया |
4) 1979 मे आईपीए पीए पांडया पुरस्कार से सम्मानित |
5) 1983 मे यूजीसी एमएनसाहा पूरस्कार से सम्मानित|
6) 1989 मे INSA एसएन बोस मेडल के प्रापताकर्ता|
7) 1997 मे ISCA सत्येंद्रनाथ बोस जन्म शताब्दी पूरस्कार से सम्मानित|