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नाम : बिस्वा रंजन नाग
जन्म तिथी : 1 अक्टूबर 1932
ठिकाण : कोमिला, चटगाव डिवीजन, ब्रिटीश भारत
व्यावसाय : भौतिकशास्त्रज्ञ
प्रारंभिक जीवनी :
बिस्वा रंजन नाग का जन्म 1 अक्टूबर 1932 को ब्रिटीश भारत के अविभाजित बंगाल मे ढाका:चटगांव हाईवे के किनारे स्थित शहर मे हुआ था | बीआर नाग ने 1949:51 के दौरान, प्रेसिडेंसी कॉलेज, कलकत्ता से स्त्रातक कि पढाई कि थी | और 1954 मे कलकत्ता विश्वाविदयालय के रेडियो फिजिक्सा और इलेक्ट्रॉनिक्सा IRE संस्थान से प्रौघागिकि MSc मे स्त्रातकोंत्र कि उपाधी प्राप्ता कि थी |
उन्होंने 1956 मे IRC मे एक संकाय सदस्या के रुप मे अपना कैरियर शुरु किया | अरुण के चौधरी व्दारा बीच मे, उन्हेांने 1959 मे एमएस हासिल करने के लिए विस्कॉन्सिन विश्वाविदयालय मे एक साल बिताया था | श्रीनाग ने कलकत्ता से अपने डॉक्टरेट के काम को फिर से शुरु करने के लिए वापसी कि, और 1961 मे पीएचडी कि उपाधि प्राप्ता कि थी | नाग कि शादी मृदुला रॉय चौधरी से हुई थी | और इस दंपति के दो बच्चे थे | बिस्वदीप और मृदूचंदा उनके नाम है | 6 अप्रैल 2004 को कोलकता मे 71 वर्षे की आयु मे उनका निधन हो गया |
कार्य :
बिस्वा रंजन दास एक भारतीय भौतिक विज्ञानी और कलकत्ता विश्वाविदयालय मे सिसिर कुमार मित्रा अध्याक्ष थे | सेमीकंडक्टर भौतिकी मे अपने शोध के लिए जाने जाते है | उन्होंने विश्वाविदयालय मे अपने नियमित शैक्षणिक करियर कि सेवा कि और 1997 मे सिसिर कुमार मित्रा प्रोफेसर के रुप मे अपनी सेवानिवृत्ती के बाद अपने सहयोग को जारी रखा था | बीच मे उन्होंने बंगोर, ग्विनेड मे एक कॉनवेल्थ विजिटिंग प्रोफेसर के रुप मे भी काम किया था |
नाग का काम अर्धचालकों पर केंद्रीत था और इससे ऊन उच्चा विदयूत प्रतिरोधी ठोस पदार्थो मे विदयूत परिवहन कि हमारी समक्ष को व्यापक और माइक्रोवेव विकिरण पर उन्नत शोध किया था | उन्होंने व्दि आयामी इलेर्क्ट्रॉन गैस कि तापमान स्वतंत्रता और इसकी मिश्र धातू को सिमित गतिशिलता को बिख्रते हुए प्रदर्शित किया था | जो कि पहली बार कि खोज थी |
उनके अध्यायन से पता चला कि संकरी क्वांटम कुओं मे इलेक्ट्रॉन ऊर्जा के फैलाव कि गेर परवलयिक प्रकृति है | और इसने परिमिती अवरोध ऊंचाई और वेल चौडाई के साथ क्वांटम वेल्सा के लिए समित गतिशिलता बिखरने वाले इंटरफेस खुरदररापन के सिध्दांत को संशोधित किया है |
उनके अध्यायन को कई लेखो के माध्याम से प्रलेखित किया गया है | और भारतीय विज्ञान अकादमी के लेख भंडार ने उनमे से 190 को सूचीबध्दा किया है | उन्हेांने दुसरो व्दारा प्रकाशित पुस्ताकेां मे भी योगदान दिया है | और उनके काम ने कई पूस्ताकेां मे उध्दारण प्रस्तूत किए है |
पूस्कार और सम्मान :
1) नाग इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के एक संस्थापक साथि है |
2) 1964 मे ब्रिटीश इंस्टीटयूट ऑफ रेडियो इंजिनियर्स का जेसी बोस मेमोरियल पूरस्कार मिला|
3) 1974 मे उन्हें शांती स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित|
4) 1993 INSA सामृगी विज्ञान पूरस्कार से सम्मानित|
5) 1975 मे उन्हें जवाहरलाल नेहरु फैलोशिप के लिए चुना गया था |
पूस्तके :
1) अर्धचालकेां मे विदयूत परिवहन का सिध्दांत |
2) क्वांटम वेल डिवाइस के भौतिकी|
3) यौगिक अर्धचालक मे इलेक्ट्रॉन परिवन अध्याय|
4) धातूकर्म और साम्रग्री विज्ञान प्रमाण|
5) इंस्टीटयूटशन ऑफ इंजीनियर्स |
6) संश्लेषण , क्रिस्टल विकास और विशेषता|