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नाम : बिमन बागची
जन्म तिथी : 1 जनवरी 1954 आयु 66 वर्षे
ठिकाण : कोलकता, पश्चिम बंगाल
व्यावसाय : रसायनशास्त्री
पिता : बिनय के बागची
प्रारंभिक जीवनी :
बिमान बागची का जन्म 1 जनवरी 1954 के नववर्षे के दिन एक स्कूल के प्रिसिंपल बिनय के बागची और उनकी गृहिणी अंशकालिक शिक्षक पत्नी आना के साथ भारत के पश्चिम बंगाल राजया के कोलकता मे हुआ था | उन्हेांने 1974 मे प्रेसीडेंसी कॉलेज कोलकता वर्तमान प्रेसीडेंसी विश्वाविदयालय से रसायन विज्ञान मे स्त्रातक किया था | और 1976 मे कलकत्ता विश्वाविदयालय से स्त्रातकोंत्तार कि उपाधि प्राप्ता कि थी |
अमेरिका मे प्रवेश करते हुए, उन्होंने ब्राऊन विश्वाविदयालय, एक आइवी लीग संस्था मे डॉक्टरेट कि पढाई कि थी | जहाँ से उन्होंने 1980 मे प्रोफेसर जूलियन गिळस के साथ काम करते हुए पीएचडी कि उपाधि प्राप्ता कि थी | और एक शोध सहयोगी के रुप मे शिकागो विश्वाविदयालय के जेम्स फ्रेंक इंस्टीटयूट मे पोस्ट डॉक्टरल अध्यायन किया था |
कार्य :
बिमन बागची एक भारतीय जैव रासायनिक रसायन शास्त्री है | सैध्दांतिक रसायनशास्त्री और भारतीय विज्ञान संस्थान के ठोस राजय और संचरचनात्मक रसायन विज्ञान इकाई मे एक अमृत मोदी प्रोफेसर है | वह सांख्यिकिय यांत्रिकि पर अपने अध्यायन के लिए जाना जाता है | यहाँ, उन्हें 1983 तक डेविड डब्ल्यू ओक्सोबी, ग्राहम फलेमिंग और स्टुअर्ट राइस जैसे प्रसिध्दा रसायनतज्ञों साथ काम करने का अवसर मिला था | जब उन्होंने मैरीलैंड विश्वाविदयालय के रॉबर्ट जवानजिंग कि प्रयोगशाला मे एक साल के कार्यकाल के लिए स्थानांतरीत कर दिया था |
सैघ्दांतीक भौतिक रसायन विज्ञान के अपने शोधो को मूख्या रुप से तरल पदार्थो मे विश्रराम कि घटनाओं पर केंद्रीत करते हुए, उन्हें कई तकनीकों को विकसित करने के लिए जाना जाता है | जिसमे से कुछ पहले ही प्रयोगात्मक रुप से सिध्द हो चुके है | उनके शोध कार्य का एक भाग दो पुस्ताकों, तरल पदार्थो मे आणविक विश्राम और जल मे जैविक और रासायनिक प्रकियाओं मे विस्तृत है : संरचना और गतिशिलता से समारोह तक, उन पुस्ताकों मे कई अध्याय दुनिया भर के वैज्ञानिकों व्दारा प्रूफ किए गए है | उनके लेखन मे कई उध्दरण शामिल है | और वे अपने संपादकिय बोर्डो के सदस्या के रुप मे कई विज्ञान पत्रिकाओं से भी जुडे है |
पुरस्कार और सम्मान :
1) भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने बागची को 1986 मे युवा वैज्ञानिकों के लिए INSA पदक से सम्मानित किया |
2) 1990 मे एके बोस मेमोरियल बोडल से सम्मानित किया |
3) 1989 मे वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद व्दारा उन्हें शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित |
4) उन्हेांने होमी भाभा फेलोशिप प्राप्ता कि थी |
5) 2003 मे रसायन विज्ञान मे गायेल पूरस्कार मिला था |
6) 2004 मे द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज के एक चुने हूए साथी बन गए थे |
7) 1997 मे जी डी बिडला पूरस्कार से सम्मानित
8) 1998 मे TWAS पूरस्कार से सम्मानित
9) उन्हें सीसी बोस नेशनल फेलो के रुप मे चुना गया |
पूस्तके :
1) तरल पदार्थो मे आणविक विश्राम|
2) जैविक और रासायनिक प्रक्रियाओं मे पानी संरचना और गतिशिलता से फंक्शन तक|
3) रसायन विज्ञान और सामग्री के लिए साख्यिकिय यांत्रिकी |