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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

अखोंरी पूर्णेंदु भूषण सिन्हा की जीवनी - Biography of Akhori Purnendu Bhushan Sinha in hindi jivani

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नाम : अखोंरी पूर्णेंदु भूषण सिन्हा

जन्म : 27 सितबर 1928

ठिकाण : भारत

व्यवसाय : रसायनतज्ञ


प्रारंभिक जीवन :


        ए.पी.बी.सिन्हा इनका जन्म 27 दिसंबर 1928 को भारत मे हुआ था | वे लंदन विश्वविदयालय मे शामिल हुए | जहाँ से उन्हेांने 1954 मे पीएचडी हासिल की | उनकी थीसिस ठोस अवस्था रसायन विज्ञान पर आधारित थी | बाद मे उन्होंने राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला, पुणे मे निदेशक के ग्रेड वैज्ञानिक रुप मे कार्य किया | और संस्था के भौतिक रसायन विज्ञान विभाग का नेतृत्वा किया | वे रसायन विज्ञान पर अपने शोधों को जारी रखते हुए |


        उन्होंने अपने इलेक्ट्रॉन परिवहन और इलेक्ट्रॉन लैटिस सक्रमणों के कारण होन वाले क्रिस्टल विकृतियों, स्विचिंग चुंबकीय क्रम और स्मृति प्रभावों के संबंध के कम गतिशिलता अर्धचालकों का अध्यायन किया | उन्हे नए मैंग्नीज का संश्लेषण करने और कथित तौर पर थर्मस्टोर्स फोटो कल्स, मैग्नेट और फोटोवोल्टिक उत्पादों जैसे कई ठोस उत्पादों का विकास करने के लिए जानाजाता है |


        इलेक्ट्रॉन जाली बातचीत पर अध्यायन के आधार पर, उन्होंने फेरोइलेक्ट्रिकिटी सिध्दांत के लिए समर्थन सिध्दांतो का प्रस्ताव किया और अर्धचालक मे थर्मोइलेक्ट्रिकल पावर और गतिशिलता पर नए समर्थन सिध्दांतो का प्रस्ताव किया और अर्धचालक मे थर्मोइलेक्ट्रिकल पावर और गतिशीलता पर नए सिध्दांतो का प्रस्ताव किया और अर्धचालक मे पर नए सिध्दांत विकसित किए | उनके शोध मे बताया है | कि अर्धचालको मे चालन की समझा को चौडा किया है | उनके साहित्यीक कार्य का शरीर एक पुस्तक स्पेक्ट्रोस्कोप इनऑर्गेनिक रसायन विज्ञान से बना है |


कार्य :


        पुस्तक के अध्याय, ऑक्साइड सल्फाइड और संबंधित यौगिको की परतो की वृध्दी और संरचना का अध्यायन, तापमान के प्रभाव के विशैष संदर्भ मे उनका कार्य कई लेखको व्दारा उदधूत किया गया है | उन्हे मैंगनीज संश्लेषण और अर्धचालक सिध्दांतो पर अध्यायन के लिए जाना जाता है | उन्होने राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला, पुणे मे निदेशक के ग्रेड वैज्ञानिक के रुप मे और मैंगनीज के संश्लेषण पर उनके अध्यायन के लिए जाना जाता है |


पूरस्कार :


1) वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए भारत सरकार का शिर्ष एजेंसी वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद ने उन्हे 1972 मे उनके योगदान के लिए सर्वोच्चा भारतीय विज्ञान पुरस्कारों मे से एक, विज्ञान स्वारुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया |

2) 1978 एनआरडीसी मेधावी अविष्कार पुरस्कार |

3) भारतीय विज्ञान अकादमी 2016|

4) राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के सराहनीय अविष्कार पुरस्कार के प्राप्ताकर्ता |


पूस्तके :


1) अखौरी पूर्णदू भूषण सिन्हा 1954|

2) कार्ल जोहान रॉलसन डी आर ईटन|

3) एबीपी सिन्हा, एनआर संजना बीविश्वास|