Advertisement
नाम : सुपेंद्र नाथ भट्टाचार्य
जन्म दि : 4 अक्टूबर 1975
ठिकाण : पश्चिम बंगाल, भारत
व्यावसाय : आणविक जीवविज्ञानी, वैज्ञानिक, औघोगिक अनुसंधान परिषद के भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान मे प्रमूख वैज्ञानिक
प्रारंभिक जीवन :
सुपेंद्र नाथ भट्टाचार्य का जन्म 4 अक्टूबर 1975 को हुवा है | उनका जन्म पश्चिम बंगाल भारत मे हुवा है | भटाचार्य ने अपनी शुरआती पढाई हरिनवी डीबीएएस हाई स्कूल से कि थी | उन्होंने जादवपूर विश्वाविदयलय से पीएचडी हासिल कि है | 1998 मे एक शोध साथी के रुप मे भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान IICB मे शामिल हो गए थे |
और 2003 मे फेलोशिप पूरा करने के बाद वो फ्रेडरिक मेसेचर संस्थान चले गए थे | जहॉ उन्होने अपना पोस्ट डॉक्टरल किया है | हयूमन फ्रंटिभर साइंस प्रोगाम फेलोशिप पर 2004:2008 तक अध्यायन किया है |
उसी वर्षे भारत लौटकर उन्हेांने आणविक और मानव आनुवंशिकि प्रभाग मे एक वैज्ञानिक के रुप मे IICB मे शामिल हो गए थे | उन्होने आरएनए बायोलॉजी रिसर्च लेबोरेटरी आरबीअएएल, जिसे भटाचार्य लैब के नाम से जाना जाता है | के प्रमूख संस्थान के प्रमूख अन्वेषक के रुप मे कार्य करते है | और कई शोध विव्दानों कि मेजबानी करते है |
कार्य :
सुपेंद्र नाथ भट्टाचार्य एक भारतीय आणविक जीवविज्ञानी, वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद के भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान मे प्रमूख वैज्ञानिक है | आरबीाआरएल मे भटाचार्य के शोध मुख रुप से माइक्रोआरएनए पर होते है | उनके शोधो ने लीशमैनियसिस संक्रमण मे एक न्यूनाथीक के रुप मे कोलेस्ट्रॉल की पहचान करने मे सहायता कि है |
और उनकी टीम ने रोगियो मे माइक्रोआरएनए आणूओं का प्रशासन करने लीश्ं मैनियासिस के इलाज के लिए एक चिकीत्सीय प्रोटोकॉल विकसित किया है | जो कोलेस्ट्रॉल स्तर को बढाने के लिए पाया गया हे |
सुपेंद्र नाथ भट्टाचार्य ने वर्तमान मे प्रोजेक्ट पर MIRNA एक्सपोपार्ट और स्थिरता उन्होने स्तानधारी प्रतिरक्षा और कैंसर कोशिकाओ पर काम किया है | और कथित तौर पर उन कोशिकाओ मे MIRNA अतिविधि मॉडूलन तंत्र कि खोज कि है | उनहोने सहकर्मी कि समीक्षा कि जाने वाली पत्रिकाओं और ऑनलाइन ज्ञान भंडार मे अपने लेखो को सूचीबघ्दा करने वाले कई लेख प्रकाशित किए गए है |
जिसमे रिसर्चगेट गुगल स्कॉलर और पबमेड शामिल है | वे जैवप्रोघोगिकी विभाग के न्यूरोबायोलॉजी टास्ट फोर्स के सदस्या है | और 2014 मे आयेाजित APS N ISN न्यूरोसाइंस स्कूल के स्थानीय आयोजन समिती के सदस्या थै | वो आधुनिक भारत के 12 युवा अचीवर्स मे से एक थे |
उपलब्धी :
1) 2004 मे एएएस जीई हेल्थकेयर यंग साइंटिस्टा अवार्ड|
2) 2004 मे आएनएसए युवा वैज्ञानिक पूरस्कार |
3) 2008 मे IHFSPO कैरियर विकास पूरस्कार |
4) 2015 मे एन DIOS पूरस्कार |
5) 2015 मे NASI स्केापस यंग साइंटिस्ट अवार्ड|
6) 2016 मे शांती स्वरुप भटनागर पूरस्कार |
7) 2016 मे प्रो बी के बछावत मेमोरियल ट्रैवल अवार्ड |