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नाम : संजीव अरोरा
जन्म दि : जनवरी 1968
ठिकाण : जोधपूर, राजस्थान, भारत
व्यावसाय : कंप्यूटर वैज्ञानिक, प्रोफेसर
प्रारंभिक जीवनी :
संजीव अरोरा एक भारतीय अमेरिकी सैघ्दांतिक कंम्प्यूटर वैज्ञानिक है | उन्हें संभावित रुप से जांच योग्या प्रमाणों और विशेष रुप से, पीसीपी प्रमेय पर अपने काम के लिए जाना जाता है | वह वर्तमान मे प्रिसंटन विश्वाविघ्यालय मे कंप्यूटर विज्ञान के चार्ल्स सी फिजमोरिस प्रोफेसर है | संजीव अरोरा का जन्म जनवरी 1968 मे भारत के राजस्थान रजया जोधपूर शहर मे हुआ है |
उन्होंने सन 1990 मे एमआयटी से कंम्प्यूटर साइंस के साथ गणित मे बीएस कि उपाधि प्राप्ता कि है | सन 1994 मे उन्हेांने उमेश वाजिरानी के मार्गदर्शन मे कैलिफोर्निया विशवाविघ्यालय बर्कले से कंम्प्यूटर विज्ञान मे पीएचडी कि उपाधि प्राप्ता कि है | सन 1986 मे उन्हेांने प्रतिष्ठित आयआयटी जेईई मे टॉप किया है |
कार्य :
संजीव आयआयटी कानपूर मे लगभग 2 साल तक कार्यरित रहे है | उसके बाद सन 2002 से 2003 तक वह इंस्टीटयूट फॉर एडवांस्ड स्टडी मे एक विव्दान रहे है | संजीव के शोध हितों मे कम्प्यूटेशनल जटिलता सिध्दांत संगणना मे यादच्छिकता का उपयोग संभावित रुप से जांच योग प्रमाण एनपीहार्ड समस्याओ के लिए आनूमनित समाधानों कि गणना, मीट्रिक रिस्ता स्थान के जयामितीय एम्बेटिंग आदि शामिल है |
संजिव को यूक्लिडियन ट्रैपलमैन समस्या के लिए एक बहूपद समय सन्निकटन योजना कि खोज का श्रेय दिया जाता है | उनहेांने पीसीपी प्रमेय पर काम किया है | संजीव प्रिंसटन के सेंटर फॉर कम्प्यूटेशनल इट्रेक्ट्रेबिलिटी के कार्यकारी बोर्ड मे संस्थापक है | वह सन 2012 मे समिॅस इन्वेस्टिगेटर बने हे |
उपलब्धि :
पूरस्कार और सम्मान :
1) संजीव को गोडले पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |
2) सन 2008 मे वह एसोसिएशन फॉर कम्प्यूटिंग मशीनरी के फेलो रहे है |
3) सन 2011 मे उनहें एसीएम इंफोसिस फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है |
4) सन 2012 मे संजीव को फुलकर्सन पूरस्कार प्राप्ता हुआ है |
पूस्तक/ग्रंथ :
1) 2007 संजीव अरोरा, बोस बार्क कंम्प्यूटेशनल कॉम्प्लेक्सीटी ए मार्डन एप्रोच|
2) 2009: हयूमन इफीसिइन्सी एंड बिझानेस मॅनेजमेंट |