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नाम : रवि बी. ग्रोवर
जन्म : 17 फरवरी 1949
ठिकाण : पंजाब, भारत
व्यावसाय : होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान के कुलपति
प्रारंभिक जीवनी :
रवि बी. ग्रोवर एक भारतीय परमाणू वैज्ञानिक और एक मैकेनिकल इंजीनियर है | वह होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान परमाणू ऊर्जा आयेाग के सदस्या है | इंडीयन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजिनियरींग के एक सदस्या भी है | रवी बी. ग्रोवर का जन्म 17 फरवरी 1949 मे भारत के पंजाब राजया मे हुआ है |
उन्हेांने सन 1970 मे दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग से मैकेनिकल इंजिनियरिंग मे स्त्रातक कि उपाधि प्रातपा कि है | उसके बाद वह भाभा परमाणू अनूसंधान केंद्र मे शामील हुए थे | सन 1982 मे उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर से मैकनिकल इंजीनियरिंग मे पीएचउी कि उपाधि प्राप्ता कि है |
कार्य :
रवि ने परमाणू इंजिनियर के रुप मे काम किया है | और थर्मल हाइड्रोलिक्सा मे विशेषज्ञता प्राप्पता कि है | उन्हेांने दो चरण के प्रवाह रिएक्टर इंधन और कोर थर्म्ल हाइड्रोलिक्सा सूरक्षा विश्लेषण और सिस्टाम और उपकरणो कि प्रक्रिया के डिजाइन के लिए तरल पदार्थ को बनाने कि तकनीक पर काम किया है |
सन 1966 मे उनहेांने प्रौघोगिकी हस्तांतरण मानव संसाधन विकास और बाहया वित्ता निर्माण सहित प्रबंधकीय जिम्मेदारियां भी संभाली है | उनहेांने अंतर्राष्टीय नागरिक परमाणू व्यापार खोलने की दिशा मे भारत सरकारव्दारा उठाएा गए सभी कदमों मे अधिकतम भूमिका निभाई है | सन 2005मे भारत मे आयटीईआर मे शामिल होने के उदेदश से बातचीत के दौरान प्रशस्ति पत्र कि उनकी भूमिका को स्वीकार करता है |
वह अपनी स्थापना के बाद से भारतीय प्रतिनिधिमंडल को आयटीईआर परिषद का नेतृत्वा कर है | रवि एचबीएनआाय के निदेशक भी रहे है | उन्होने संस्थान कि स्थापना मे मूख्या भूमिका निभाई है | सन 2005 से 2016 तक वह एचबीएनआई के प्रमूख के रुप मे काम किया है |
उपलब्धि :
पूरस्कार और सम्मान :
1) सन 2014 मे रवि को भारत सरकर व्दारा पघश्री से सम्मानित किय गया है |
2) 2016 मे उन्हें दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग एलुमनि एसोसिएशन ने आजीवन उपलब्धि पूरस्कार प्रदान किया है |
3) सन 2008 मे रवि को धीरुभाई अंबानी ओरेशन अवार्ड प्राप्ता हुआ है |
4) सन 2009 मे दिल्ली कॉलेज औफ इंजिनियरिंग एलुमीनी एसोसिएशन व्दारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पूरस्कार मिला है |
5) 2011 मे इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एलूमनी एसोसिएशनव्दारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पूरस्कार दिया गया है |
पुस्तक/ग्रंथ :
1) रवि बी ग्रोवर और सहसाथियोंव्दारा रिसौरजेनसा ऑफ 12 डिसें 2018 न्यूक्लीअर पावर चॅलेंज एंड औपरचूनीटीझा फॉर एशिया |
2) 2006 भारत के उुर्जा मिश्रण मे परमाणू ऊर्जा कि भूमिका आयएएनसीएस बुलेटिन पी|
3) 2004 परमणू ऊर्जा कार्यक्रम के वीकास के रुप मे क्षमता निर्माण मे भारतीय अनूभव|
4) 2016 न्यूक्लियर एनर्जी इमर्जिंग र्टेडस|