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नाम : नरेंद्र के. सहगल
जन्म दि: 7 नवंबर 1940
ठिकाण : लाहौर, पाकिस्तान
व्यावसाय : भौतिक विज्ञानी
प्रारंभीक जीवन :
नरेंद्र के सहगल एक भारतीय भौतिक विज्ञानी, वैज्ञानिक प्रकाशक और विज्ञान लोकप्रिय है | उन्होंने भाभा परमाणू अनुसंधान केंद्र के सैध्दांतिक रिएक्टर भौतिकी प्रभाग मे वैज्ञानिक अधिकारी के रुप मे कार्य किय है |
नरेंद्र का जन्म 7 नवंबर 1940 को पाकिस्तान मे जो पंजाब की राजधानी है लाहौर मे हुआ था | उनहोंने अपनी मैट्रिक कि शिक्षा 1956 मे ग्रहनगर मे कि है | उन्होंने पंजाब विश्वाविदयालय से सन 1960 मे भौतिकी मे बीएससी कि शिक्षा प्रापता कि है |
सन 1963 मे उन्होंने कण भौतिकी मे विस्कॉन्सिन विश्वाविदयालय से एम एससी किया है | और सन 1965 मे वही से पीएचडी प्राप्ता कि है | सन 19669 मे उन्होंने विस्कॉन्सिन मेडिसन विश्वाविदयालय से डॉक्टरेट कि उपाधी प्रातपा कि है |
कार्य :
नरंद्र ने भारतीय विश्वाविदयालयों मे शोधकार्य किया है | सन 1972 मे उन्होंने जालंधर से त्रैमासिक वैज्ञानिक राय प्रकाशित करणे का कार्य किया है | नरेंद्र ने अंदन मे नेचर पत्रिका मे योगदानकर्ता के रुप मे भी काम किया है | सन 1976 मे उन्होंने सोमाली राष्ट्रीय विश्वाविध्यालय मे भौतिकी के प्रोफेसर के रुप मे भी कार्य किया है |
नरेंद्र 1978 मे इसरों के अंतरक्षि अनुप्रयोग केद्र एसएसी मे अहमदाबाद मे विजिटिंग साइंटिसटा रहे है | 1982 मे वे भारत के विज्ञान और प्रौधोगिकी विभाग मे शामिल हुए थै | नरेद्र ने नव स्थापित नेशनल काउंससिल फॉर साइंस एंड टैक्नोलॉजी कम्यूनिकेशन NCSTC के प्रमूख के रुप मे कार्य किया है |उसके बाद वे विज्ञान प्रसार के निदेशक बने थे |
उन्हेांने विज्ञान और प्रौघागिकि विभाग मे भारत सरकार के सलाहकार के रुप मे भी काम कियाहै | उनहेांने सन 1990 मे NCTC नेटवर्क के गठन मे भी महत्वापूर्ण भुमिका निभाई थी | नरेंद्र व्दिभाषी मासिक समाचार पत्र NCSTC कम्यूनिकेशन के मुख्या संपादक भी रहे है |
उपलब्धि :
1) नरेंद्र को सन 1991 ने युनेस्को कलिंग पुरस्कार से सम्मानित किया गया है |
2) नरेंद्र 1993 मे इंडियन साइंस राइटर्स एसोसिएशन के मानद फेलो रहे है |
ग्रंथ/पूस्तक :
1) नरेंद्र सहगलव्दारा लिखित पुस्तक जम्मू काश्मीर अ स्टेट इन र्टबुलेन्सा 2014 को प्रकाशित किचा गया है |
2) नरंद्र कि पूस्ताक भारतवर्ष् कि सर्वांग स्वातंत्रता सन 2018 मे प्रकाशित हई
3) व्याथित जम्मू काश्मीर यह पुस्तक 2018 मे प्रकााशित हुई है |
4) विकासशील देशों मे विज्ञान केंद्रो और संगहालय बदलती भूमिका यह पूस्ताक 2005 मे प्रकाशित है |