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अन्यवैज्ञानिकSCIENTIST

नारायणस्वामी श्रीनिवासन की जीवनी - Biography of Narayanaswamy Srinivasan in hindi jivani

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नाम : नारायणस्वामी श्रीनिवासन

जन्म दि: 1 अप्रैल 1962

ठिकाण : चेन्नाई, तामिलनाडू, भारत

व्यावसाय : आणविक जीवविज्ञानी, प्रोफेसर


प्रांरभिक जीवन :


        नारायणस्वामी श्रीनिवासन एक भारतीय आणविक जीवविज्ञानी और एक प्रोफेसर है | इतनाही नही बल्की वे प्रोटीन के प्रमूख भी है | नारायणस्वामी के कम्प्यूटेशनल जीनोमिक्सा और प्रोटीन संरचना विश्लेषण के क्षेत्र मे उनके शोध के लिए जाना जाता है | एन श्रीनिवासन का दक्षिण भारतीय राजया तामिलनाडू के चेन्नाई शहर मे 1 अप्रैल 1962 मे जन्म हुआ है |


        एन श्रीनिवासन ने भारत के मद्रास विश्वाविदयालय से सन 1982 मे भौतिकी मे प्रथम श्रेणी से बीएससी कि शिक्षा पूरी कि है | सन 1984 मे उन्होंने क्रिस्टलोग्राफी और बायोफिजिक्सा मद्रास विश्वाविदयालय से बायोफिजिक्सा मे एमएससी कि उपाधि प्रापता कि है | सन 1991 मे उन्हेांने भारतीय संस्थान विज्ञान, बैंगलोर से आणविक बायोफिजिक्सा मे पीएचडी कि उपाधि प्रापता कि है | रचना संबंधी अध्यायन गोलाकार प्रोटीन डेटा विश्लेषण पर उनकी थिसिस रही है |


कार्य :


        नारायणस्वामी ने लगभग 10 महिने बलराम कि प्रयोगशाला मे कार्य किया है | उसके बाद वे ऑक्टूबर 1991 मे बिर्कबेक कॉलेज मे क्रिस्टलोग्राफी विभाग मे चले गऐ | वहाँ उन्होंने टॉम ब्लंडेल के साथ काम किया है | नारायणस्वामी ने कैम्ब्रिज विश्वाविघालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग मे भी काम किया है |


        नारायणस्वामी ने भारतीय विज्ञान संस्थान मे अण्विक बायोफिजिक्सा यूनिट MBU मे सहायक प्रोफेसर के रुप मे कार्य किया है | उनहोने वेलकम ब्रस्ट के वरिष्ठा साथी के रुप मे भी काम किया है | सन 1998 से 2000 तक उन्होंने बिर्कबेज कॉलेज मे एक मानद शोध साथी के रुपमे कार्य किया है | नारायणस्वामी यूनर्विसिटी ऑफ ला रियुनियन मे सन 2004 मे एक विजीटिंग प्रोफेसर रहे है |


        नारायणस्वामी नैनटेस विश्वाविदयालय मे जैव सूचना विज्ञान मे सन 2012 को विजिटींग प्रोफेसर रहे है | श्रीनिवासन के शोध मोटे तोर पर प्रोटीन संरचना पर आधारित थै | इसकी संचरना कार्यो और परस्पर क्रियाओं के संबंध मे उनहोंन मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल अध्यायन के माघ्याम से सेलूलर सिग्नल ट्रॉसडक्शन अध्यायन के माध्याम से सेलुलर सिग्नल ट्रांसडक्श्न रास्ते और इस प्रक्रिया मे शामिल प्रोटीन पर काम किया है |


        नारायणस्वामी मल्टी मैक्रोलेक्यूलर असेंबलियॅा बडी मैक्रोमोलेक्यूलर मशीनों के :3 डी संरचनाओं से संबंधित परियोजना पर कार्य कर रहे है | नारायण स्वामी संबदूध समिती और इंअरनेशनल सोसाइटी फॉर कॅम्प्यूटेशनल बायलॉजी ISCB के विशेष समुहों और 1000 के संकाय के स्ट्रक्चरल बायोलॉजी और स्ट्राचरल जीनोमिक्सा अनुभाग के सदस्या के रुप मे भी कार्यरीत है | नारायणस्वामी ने भारतीय विश्वाविदयालयों के लिए थीसिस परीक्षक के रुप मे कार्य किया है |


        नारायणस्वामी ने जैव सुचना विज्ञान और जैव सूचना विज्ञान मे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ नॉलेज डिस्कवरी मे सहयोगी संपादक के रुप मे कार्य करते है | नारायणस्वामी शोध और विकास कार्य जुबिलेंट बायोसाइंसेजस के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड मे भी बैठते है |


उपलब्धि :


पूरस्कार/सम्मान :


1) सन 2004 मे नारायणस्वामी को राष्ट्रीय जीवविज्ञान पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |

2) सन 2007 मे नारायणस्वामी को शांती स्वारुप भटनागर पूरस्कार प्रदान किया गया है |

3) भारतीय विज्ञान अकादमी और राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत कि निर्वाचित फलोशिप भी उनहे मीली है |

4) नारायणस्वामी के पास बिर्कबेक कॉलेज कि मानद रिसर्च फैलोशिप और वेलकम ट्रस्ट कि आंतराष्ट्रीय वरिष्ठा फैलोशिप भी है |


पूस्तक/ग्रंथ :


1) नारायणस्वामी व्दारा और सहसाथीओ व्दारा लिखित पुस्तक ज्ञान आधारित प्रोटीन मॉडलिंग बायोकेमिस्ट्री और आणविक जीवविज्ञान मे महत्वापूर्ण समीक्षा यह सन 1994 को प्रकाशित है |

2) नारायणस्वामी की पूस्ताक न्यूक्लिक एसिड रिसर्च 2007 मे प्रकाशित हुई है |