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नाम : मनोजित मोहन धर
जन्म : 13 जनवरी 1927
ठिकाण : भारत
व्यावसाय : रसायनतज्ञ
प्रारंभिक जीवन :
मनोजित मोहन धर एक भारतीय प्राकृतिक उत्पाद रसायनतज्ञ और केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान के निदेशक थे | वह पेप्टाइडस पर अपने शोधो और इंटरन्यूक्लीयोटाइड बॉन्उ के संश्लेषण के लिए जाने जाते थे | मनोजित का जन्म 13 जनवरी 1927 को हुआ था | उन्होने मैनचिस्टार विश्वाविघ्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्ता कि है | सन 1952 मे उन्होने पेष्टाइडस पर अपनी थीसिस के लिए काम किया था |
कार्य :
मनोजित ने सेंट्रल रिसर्च इंस्टीटयूट सीडीआरआई मे डिप्टी डायरेक्टर के रुप मे काम किया है | उन्होंने यूनायटेउ किंगडम मे भारत के उच्चायोग मे विज्ञान के परामर्शदाता के रुप मे भी कार्य किया है | उन्होने कई देशी पौधो के घटकों पर शोध कार्य किया है | इसके लिए उन्हे पौंधो के संरचनाओ का अध्यायन किया है | तो उन्होने डिकॉप्टाइड की ग्लाइकोसाइड गतिविध, टेट्रपिप्टाइड के एकोर्टिफैसिएंट गुण, एसिटाइलकोलाइन की रिसेप्टर मिमिकिंग और यौगिको के इम्यूनोस्टिम्यूलेंट और इम्युनोसप्रेसिव गुणों की खोज की है | जो की, ओपियोड रिसेप्टर्स को लक्षित करते है |
उन्हेाने अपने स्वदेशी तीन हजार पौधों की प्रजातियों की जांच की, कई पौधो मे सक्रिय अवयवों की पहचान की और पाइरीमिडीन औरप्यूरीन एनहाइड्रोन्यूक्लियोसाइडस का उपयोग किया | उसके व्दारे उन्होने इंटरन्यूक्लियोटाइड बॉन्ड के संश्लेषण की एक नई विधि विकसित करने का कार्य किया है |
उन्होने यह पात किया हक व्किनोमाइसिंन ए के संश्लेष्ण को स्ट्रोप्टॉमी के सेल मुक्त अर्कव्दारा उत्प्रेरित किया जा सकता है | वह परजीवी प्रोटोजोआ पर सीडीआरआई जांच का एक हिस्सा था, जिससे अमबासिस लीश मैनियासिस, फाइलेरिया, मलेरिया और हेल्मिन्थियासिस जैसी बीमारियां पैदा हुई |
मनोजित बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और इंडियन केमिकल सोसाइटी के साथ एक जीवन सदस्या के रुप मे जुडे रहे | सन 1988 से 1990 तक वे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की परिषद मे बैठे रहे | सन 1982 मे उन्होने राष्ट्रमंडल कृषि ब्यूरो इंटरनेशनल की पूर्व अध्याक्ष के रुप मे सेवा की है | 1982 मे उन्होने अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयेाग के भारत अध्याय के आयुक्त के रुप मे कार्य किया है |
उपलब्धि :
पूरस्कार और सम्मान :
1979 मे एसएंड टी पर विकास के लिए संयुक्ता राष्ट्रा सम्मेलन मे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के मनजीत सदस्या थे | 1979 मे पेरिस मे आयोजित मैन एंड द बायोस्कीयर प्रोगाम सम्मेलन, जिनेवा का विश्व जलवायु सम्मेलन सन 1979 मे और दिल्ली मे द 1982 के 77 समुह की विज्ञज्ञन बैठक के मनोजित प्रमूख रहे है |
पूरस्कार :
1) भारत के वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद व्दारा उन्हे सन 1971 मे शांति स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित किया गया |
2) सन 1975 मे मनोजित को एवी मोदी रिसर्च फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया था |
3) मनोजित सम्मानपूर्व रासायनिक विज्ञान अनुसंधानव्दारा डॉ एमएमधार मेमोरियल डिस्ट्रीरक्ट कैरियर अचीवमेट अवार्ड की स्थापना की गई है |
पूस्तक :
मनोजित ने अपने शोध निष्कर्षो को कई लेखो मे प्रकाशित किया है |
1) रेसिस्टोमाइसिन का संविधान एमएमधर व्दारऔरउनके कई साथी व्दारा लिखित पुस्तक 1968 को प्रकाशित हुआ|
2) सन 1968 मे जैविक गतिविध्ं के लिए भारतीय पौधों की सक्रीनिंग यह धार एम एम के साथ उनके सहसाथी धार एम एल ध्नन बीएन, मेहरोत्रा बी एन व्दारा लिखित हे |
3) एम एम धर का 26 मई 2003 को 76 वर्ष की आयु मे निधन हो गया |